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आपकी भी नहीं छूट रही टॉयलेट में फोन साथ लेकर जाने की आदत? ये ग्रह कर सकता है आपको कंगाल

वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक बाथरूम और टॉयलेट का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है. राहु अशुभ ऊर्जा, भ्रम और नकारात्मकता का प्रतीक है. जब आप मोबाइल फोन को टॉयलेट में ले जाते हैं, तो यह जगह की नकारात्मक ऊर्जा फोन में समा सकती है. मोबाइल एक सक्रिय उपकरण है जो लगातार ऊर्जा का आदान-प्रदान करता है.

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Edited By: Antima Pal
आपकी भी नहीं छूट रही टॉयलेट में फोन साथ लेकर जाने की आदत? ये ग्रह कर सकता है आपको कंगाल
Courtesy: freepik

आधुनिक जीवन में मोबाइल फोन हमारे साथ हर जगह रहता है. खासकर युवा पीढ़ी, यानी Gen Z, एक पल के लिए भी अपने गैजेट से दूर नहीं रह पाती. अब यह आदत इतनी बढ़ गई है कि कई लोग टॉयलेट या बाथरूम में भी फोन लेकर जाते हैं और स्क्रॉलिंग करते रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार भी नुकसानदायक हो सकती है?

नहीं छूट रही टॉयलेट में फोन साथ लेकर जाने की आदत?

वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक बाथरूम और टॉयलेट का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है. राहु अशुभ ऊर्जा, भ्रम और नकारात्मकता का प्रतीक है. जब आप मोबाइल फोन को टॉयलेट में ले जाते हैं, तो यह जगह की नकारात्मक ऊर्जा फोन में समा सकती है. मोबाइल एक सक्रिय उपकरण है जो लगातार ऊर्जा का आदान-प्रदान करता है. बाद में जब यही फोन बेडरूम, पूजा घर या ऑफिस में जाता है, तो वह नकारात्मकता पूरे घर के वातावरण को प्रभावित कर सकती है. इससे राहु दोष बढ़ने का खतरा रहता है, जो जीवन में भ्रम, गलत फैसले और परेशानियां पैदा कर सकता है.

ये ग्रह कर सकता है आपको कंगाल

ज्योतिष शास्त्र में कहा जाता है कि राहु खराब होने पर व्यक्ति अधर्मी रास्ते पर जा सकता है या गलत संगत में फंस सकता है.  टॉयलेट में फोन यूज करना इस दोष को और मजबूत करने जैसा है. इसलिए वास्तु एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि टॉयलेट को फोन-फ्री जोन बनाएं. इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और राहु की नकारात्मक प्रभाव कम होता है.

अब वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो यह आदत और भी खतरनाक साबित होती है. टॉयलेट में फ्लश करने से हवा में बैक्टीरिया फैलते हैं. मोबाइल स्क्रीन और केस पर गंदगी, नमी और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं. अध्ययनों में पाया गया है कि मोबाइल फोन टॉयलेट सीट से 10 गुना ज्यादा गंदा हो सकता है. इसमें ई.कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो पेट की बीमारियां, संक्रमण और त्वचा की समस्याएं पैदा कर सकते हैं.

Gen Z में यह समस्या बहुत आम है. एक सर्वे के अनुसार 96 प्रतिशत Gen Z युवा बिना फोन के टॉयलेट नहीं जाते. वे वहां घंटों स्क्रॉलिंग करते हैं, जिससे टॉयलेट में समय ज्यादा लगता है. इससे बवासीर जैसी समस्या का खतरा बढ़ जाता है. फोन पर गंदगी जमा होने से हाथों के जरिए ये बैक्टीरिया मुंह, आंखों या खाने में पहुंच सकते हैं.

इसके अलावा लगातार स्क्रीन देखने से दिमाग थक जाता है. टॉयलेट जैसी जगह पर फोन यूज करने से एकाग्रता बिगड़ती है और तनाव बढ़ता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि टॉयलेट को सिर्फ जरूरी काम के लिए इस्तेमाल करें. फोन बाहर रखें ताकि बैक्टीरिया न फैलें.

तो क्या करें? 

सबसे पहले आदत बदलें. टॉयलेट जाते समय फोन बाहर छोड़ दें. अगर जरूरी हो तो छोटे समय के लिए रखें, लेकिन स्क्रॉलिंग न करें. फोन को नियमित रूप से साफ करें – अल्कोहल वाइप्स या सैनिटाइजर से. घर में वास्तु सुधार के लिए टॉयलेट हमेशा साफ-सुथरा रखें और नकारात्मक चीजों से दूर रखें. यह छोटी-सी आदत बदलने से आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी.