Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक शारदीय नवरात्रि है. इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की अराधना की जाती है. इस साल नवरात्रि का त्योहार 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू हो रहा है. इस दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना शुभ मुहूर्त में करके मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है. आइए जानते हैं कलश स्थापना का शुभ समय और इसकी आसान विधि.
नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापित किया जाता है. जानकारी के अनुसार, सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच कलश स्थापना का समय शुभ मुहूर्त है. अगर किसी कारण से आप सुबह पूजा नहीं कर पाते हैं तो अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना की जा सकती है. यह सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बताया गया है. हालांकि, सही मुहूर्त आपके शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है. राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचने के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग की मदद लें.
सबसे पहले आपको अपने पूजा घर को अच्छे साफ करना है. आप गंगाजल छिड़ककर इसे पवित्र कर सकते हैं.
इसके बाद एक साफ पात्र लें और उसमें मिट्टी भरें. फिर जौ बोएं.
इसके बाद आपको कलश तैयार करना है. इसके लिए तांबे, पीतल या मिट्टी के कलश पर स्वास्तिक बनाएं. फिर इसके गले पर कलावा बांधें. इसमें साफ पानी, अक्षत, सुपारी और एक सिस्का डालें.
कलश के मुंह पर आम के पत्ते लगाएं. ये गिनती में 5 या 7 होने चाहिए.
अब पानी वाला नारियल लें. इस पर लाल कपड़ा या चुनरी लपेटकर उसे कलश के ऊपर रख दें.
कलश को पूजा स्थल पर स्थापित करें. इस पर फूल और अक्षत अर्पित करें.
मां दुर्गा का ध्यान करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्रों का जाप करें.
इसके बाद दीपक जलाकर पूजा पूरी करें.
नवरात्रि के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की पूजा करें.
जो लोग व्रत रख रहे हैं उन्हें अपनी सेहत का भी ख्याल करना चाहिए.
पूजा सामाग्री पहले से तैयार रखें, जिससे पहले दिन किसी भी तरह की जल्दबाजी न हो.