Sawan 2020: भगवान भोलेनाथ के प्रिय सावन माह की शुरुआत कैसे हुई? हर शिव भक्त जरूर जानें यह पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले विष का पान कर भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा की थी.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: सावन का महीना शुरू होते ही शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है. भगवान शिव को समर्पित इस पवित्र महीने में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक, व्रत और कांवड़ यात्रा के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन केवल पूजा-अर्चना का समय नहीं, बल्कि भगवान शिव के सबसे बड़े त्याग और करुणा की याद भी दिलाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावन माह का संबंध समुद्र मंथन की उस घटना से जुड़ा है, जब भगवान शिव ने विष का पान कर पूरी सृष्टि की रक्षा की थी. इसके बाद इंद्रदेव ने वर्षा कर उनके शरीर की तपन को शांत किया. तभी से सावन को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है और इस दौरान उनकी विशेष आराधना का विधान बताया गया है.

समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है सावन का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवताओं और असुरों द्वारा किए गए समुद्र मंथन से अनेक दिव्य वस्तुओं के साथ विष भी निकला था. यह विष इतना घातक था कि पूरी सृष्टि संकट में पड़ गई. ऐसे समय में भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए स्वयं उस विष का पान कर लिया. इसी त्याग के कारण उन्हें नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है.

इंद्रदेव की वर्षा से मिली थी राहत

कथा के अनुसार, विषपान के बाद भगवान शिव के शरीर में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हो गई थी. उनकी पीड़ा को कम करने के लिए इंद्रदेव ने लगातार वर्षा कराई. माना जाता है कि यह घटना सावन माह में हुई थी. इसी कारण सावन का महीना भगवान शिव की कृपा और शीतलता का प्रतीक माना जाता है.


सावन में शिव पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और व्रत करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं. इसी महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा भी करते हैं.

सावन सोमवार का अलग धार्मिक महत्व

सावन में आने वाले प्रत्येक सोमवार को विशेष शुभ माना जाता है. इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है. श्रद्धालु व्रत रखकर शिव आराधना करते हैं और सुख, समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. धार्मिक परंपराओं में सावन सोमवार को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है.

श्रद्धा और नियमों के साथ की जाती है उपासना

सावन के पूरे महीने में देश के प्रमुख शिव धामों जैसे हरिद्वार, वाराणसी, उज्जैन और देवघर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. भक्त पूरी आस्था के साथ जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई शिव उपासना से भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.