Ramadan 2026: रमजान पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़, 21 फरवरी को क्या है सेहरी का सही समय?

रमजान में सेहरी यानी सुहूर का अपना ही एक महत्व है. सेहरी फज्र (सुबह की अजान) से पहले का समय होता है. माना जाता है कि जिसने सेहरी नहीं खाई वह रोजे के एक सवाब से महरूम रह गया.

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Sagar Bhardwaj

Ramadan 2026: भारत में रमजान 19 फरवरी से शुरू हो चुके हैं और 21 फरवरी को तीसरा रोजा है. रमजान के दिनों में मस्जिदों में नमाजियों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है. पहले रोजे के साथ माह ए रमजान शुरू हो चुका है और इस वर्ष यह 20 मार्च तक रहेगा.

रमजान में सेहरी यानी सुहूर का अपना ही एक महत्व है. सेहरी फज्र (सुबह की अजान) से पहले का समय होता है. माना जाता है कि जिसने सेहरी नहीं खाई वह रोजे के एक सवाब से महरूम रह गया. यहां हम आपको 21 जनवरी को होने वाली सेहरी का सही समय बताएंगे....

क्या है सेहरी

सेहरी वह भोजन है जो सूर्योदय से पहले किया जाता है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि सेहरी में प्रोटीन, फाइबर और पानी प्रचूर मात्रा में होने चाहिए. सेहरी का भोजन आपको पूरे दिन ताकत देता है. सेहरी में ओट्स, दही, फल, सूखे मेवे आदि को शामिल किया जा सकता है.

21 फरवरी को सेहरी का संभावित समय

21 फरवरी को तीसरा रोजा है. विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार प्रमुख शहरों में सेहरी का समय अलग-अलग है.

नई दिल्ली में यह 5.35 बजे या 5.36 बजे 

लखनऊ: सुबह 5:20 बजे
हैदराबाद: सुबह 5:27 बजे
मुंबई: सुबह 5:50 बजे
भोपाल: सुबह 5:33 बजे
पटना: सुबह 5:03 बजे

क्या होता है रमजान

रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना होता है जिसमें मुसलमान 30 दिनों तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास (रोजा) रखते हैं. रमजान आत्म-संयम, इबादत और दान का समय है. इसमें सुबह के भोजन को सेहरी और शाम का उपवास तोड़ने को इफ्तार कहा जाता है.

कैसे हुई थी रमजान की शुरुआत

रमजान की शुरुआत इस्लाम में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और पवित्र घटना से हुई. रमजान की सबसे बड़ी खासियत ये हैं कि इसी महीने में पवित्र कुरान का पहला वही (ईश्वरीय संदेश) पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर उतरा. यह घटना 610 ईस्वी में हुई जब पैगंबर साहब मक्का के पास गुफा-ए-हिरा में इबादत करने के लिए गए थे. रमजान वह महीना है जिसमें कुरान नाजिल किया गया जो लोगों के लिए हिदायत है.