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Rahu-Ketu Transit 2026: राहु-केतु का महा-गोचर, इन 5 राशियों पर टूटेगा दुखों का पहाड़!

वर्तमान में राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में विराजमान हैं. 5 दिसंबर 2026 को राहु मकर राशि में प्रवेश करेगा, जबकि केतु सिंह राशि छोड़कर कर्क राशि में चला जाएगा. कर्क राशि चंद्रमा की राशि है, जो मन, भावनाओं और माता से जुड़ी होती है. केतु का इस राशि में जाना कई लोगों के लिए भावनात्मक और मानसिक परेशानी पैदा कर सकता है.

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Edited By: Antima Pal
Rahu-Ketu Transit 2026: राहु-केतु का महा-गोचर, इन 5 राशियों पर टूटेगा दुखों का पहाड़!
Courtesy: pinterest

Rahu-Ketu Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को सबसे प्रभावशाली छाया ग्रह माना जाता है. ये दोनों हमेशा उल्टी चाल चलते हैं और जब ये अपनी राशि बदलते हैं तो पूरे देश-दुनिया पर गहरा असर पड़ता है. साल 2026 के अंत में 5 दिसंबर को राहु-केतु का बड़ा महा-गोचर होने जा रहा है, जो 18 महीने तक रहेगा. इस बदलाव से कई राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचने वाली है.

वर्तमान में राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में विराजमान हैं. 5 दिसंबर 2026 को राहु मकर राशि में प्रवेश करेगा, जबकि केतु सिंह राशि छोड़कर कर्क राशि में चला जाएगा. कर्क राशि चंद्रमा की राशि है, जो मन, भावनाओं और माता से जुड़ी होती है. केतु का इस राशि में जाना कई लोगों के लिए भावनात्मक और मानसिक परेशानी पैदा कर सकता है.

इन राशियों पर सबसे ज्यादा असर

कर्क राशि (Cancer): केतु का सीधा गोचर होने से इस राशि वालों को सबसे ज्यादा चुनौती मिल सकती है. करियर में अड़चनें, परिवार में तनाव और सेहत से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. खासकर मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी होगा.

कुंभ राशि (Aquarius): राहु के निकलने और मकर में जाने से कुंभ वालों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. नौकरी या बिजनेस में अनिश्चितता रहेगी. पुराने निवेश पर नजर रखें.

कन्या राशि (Virgo) और मीन राशि (Pisces): इन दोनों राशियों पर भी इस गोचर का मध्यम लेकिन कठिन प्रभाव पड़ सकता है. कन्या वालों को स्वास्थ्य और प्रतिस्पर्धा में दिक्कत हो सकती है, जबकि मीन राशि वालों को रिश्तों और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी.

इस दौरान करियर, व्यापार, सेहत और पारिवारिक जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं. लेकिन ज्योतिष के अनुसार हर समस्या का समाधान भी है.

3 जरूरी उपाय

केतु शांति के लिए: हर बुधवार को केले के पेड़ पर केला चढ़ाएं और गरीबों को भोजन कराएं. इससे केतु का प्रभाव कम होता है.

राहु के लिए: शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काले कुत्ते को रोटी खिलाएं. राहु संबंधी परेशानियां दूर होंगी.

सामान्य उपाय: रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करें और 'ॐ राहवे नमः' तथा 'ॐ केतवे नमः' मंत्र का जाप करें.

ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि इस गोचर का प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग होगा. कुछ राशियां जैसे वृषभ, तुला और मकर को अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं. लेकिन कर्क, कुंभ, कन्या और मीन राशि वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.