प्यार या पागलपन? इस मूलांक के लोग रिलेशनशिप में बन जाते हैं सनकी, पार कर देते हैं सारी हदें
अंक ज्योतिष में मूलांक 4 के लोगों को मजबूत इच्छाशक्ति वाला माना जाता है, लेकिन प्यार के मामले में यही गुण कई बार परेशानी की वजह बन जाता है.
नई दिल्ली: हर इंसान का प्यार जताने का तरीका अलग होता है. कोई आजादी देता है, तो कोई जरूरत से ज्यादा हक जताने लगता है. अंक ज्योतिष मानता है कि इसमें व्यक्ति के मूलांक की बड़ी भूमिका होती है.
मूलांक 4 के लोग बाहर से भले ही मजबूत और भरोसेमंद दिखें, लेकिन रिश्तों में इनका व्यवहार कई बार जरूरत से ज्यादा हावी हो जाता है, जिससे पार्टनर असहज महसूस करने लगता है.
मूलांक 4 का स्वभाव कैसा होता है
मूलांक 4 के जातक अनुशासन पसंद करने वाले और अपने सिद्धांतों पर चलने वाले होते हैं. ये मेहनती, जिम्मेदार और स्पष्ट सोच वाले माने जाते हैं. लेकिन जिद्दी स्वभाव के कारण ये अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं. यही आदत निजी रिश्तों में भी नजर आती है, जहां वे सामने वाले से अपनी सोच के अनुसार चलने की उम्मीद रखते हैं.
प्यार में क्यों हो जाते हैं जरूरत से ज्यादा पजेसिव
जब मूलांक 4 के लोग किसी से प्यार करते हैं, तो पूरी तरह जुड़ जाते हैं. इन्हें पार्टनर को खोने का डर सताता रहता है. इसी डर के चलते ये हर बात जानना चाहते हैं और हर कदम पर नजर रखने लगते हैं. धीरे-धीरे यह व्यवहार पजेसिवनेस और कंट्रोल में बदल जाता है.
रिश्तों में कैसे बढ़ती हैं समस्याएं
इनका कंट्रोलिंग नेचर पार्टनर की आजादी को सीमित कर देता है. छोटी-छोटी बातों पर शक, सवाल और रोक-टोक रिश्ते में तनाव पैदा करती है. पार्टनर को लगने लगता है कि उसे समझा नहीं जा रहा, बल्कि दबाया जा रहा है. यही स्थिति रिश्ते को कमजोर कर सकती है.
क्या होता है इनकी सनक का असर
गुस्से या असुरक्षा के समय मूलांक 4 के लोग बिना सोचे-समझे फैसले ले लेते हैं. कई बार ये शब्दों से या व्यवहार से पार्टनर को आहत कर देते हैं. बाद में पछतावा होता है, लेकिन तब तक रिश्ते में दरार आ चुकी होती है.
संतुलन से सुधर सकता है रिश्ता
अगर मूलांक 4 के लोग अपने स्वभाव को समझ लें और भरोसा करना सीखें, तो रिश्ते मजबूत हो सकते हैं. पार्टनर को स्पेस देना और खुलकर बातचीत करना इनके लिए सबसे जरूरी है. संतुलन बना लिया जाए, तो यही लोग बेहद वफादार और स्थिर साथी साबित होते हैं.