हो रही है कंगाली की दस्तक! कहीं आपके घर का दरवाजा भी तो नहीं कर रहा चर-चर की आवाज?
घर का मुख्य दरवाजा केवल आने जाने का रास्ता नहीं होता बल्कि यह घर में सुख समृद्धि का प्रवेश द्वार माना जाता है. अगर आपके घर का दरवाजा खुलते या बंद होते समय चर चर की आवाज करता है तो वास्तु शास्त्र में इसे अशुभ संकेत माना गया है.
हर इंसान चाहता है कि उसके घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहे. इसके लिए लोग मेहनत भी करते हैं और घर को ऊर्जा से भरपूर रखने की कोशिश भी करते हैं. वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सबसे अहम माना गया है क्योंकि यही वह जगह है जहां से ऊर्जा घर में आती है. यही कारण है कि मुख्य दरवाजे से जुड़ी छोटी छोटी बातों को भी बहुत अहम माना गया है. कई बार लोग यह सोचकर नजरअंदाज कर देते हैं कि दरवाजे से आने वाली चर चर की आवाज केवल तकनीकी खराबी है. लेकिन वास्तु शास्त्र के मुताबिक यह आवाज घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती है. माना जाता है कि ऐसे घरों में धीरे धीरे आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगती हैं.
दरवाजे की आवाज क्यों मानी जाती है अशुभ
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार मुख्य दरवाजे से आने वाली तेज और कर्कश आवाज घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती है. यह आवाज मानसिक शांति को भी भंग करती है. सुबह और शाम जब परिवार के सदस्य घर में आते जाते ये आवाज सुनते हैं तो ये उनके मन पर असर डालती है. धीरे धीरे इसका असर परिवार के व्यवहार और सोच पर भी दिखाई देने लगता है. ऐसा माना जाता है कि चरमराता हुआ दरवाजा राहु और केतु के अशुभ प्रभाव को बढ़ा सकता है. इससे घर में अचानक खर्च बढ़ने लगते हैं. पैसा टिकता नहीं है और मेहनत के बावजूद आर्थिक परेशानियां बनी रहती हैं.
आर्थिक तंगी और तनाव का कारण
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि जिस घर के मुख्य द्वार से लगातार आवाज आती रहती है वहां परिवार के सदस्यों के बीच चिड़चिड़ापन रहता है. छोटी छोटी बातों पर विवाद होने लगते हैं. कई बार बिना वजह मानसिक तनाव बना रहता है और घर का माहौल नकारात्मक हो जाता है. इसके अलावा यह भी माना जाता है कि ऐसे घरों में अचानक कानूनी खर्चे बढ़ सकते है. इसलिए मुख्य दरवाजे की स्थिति को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
तुरंत करें यह आसान उपाय
अगर आपके घर का दरवाजा भी आवाज करता है तो सबसे पहले उसके कब्जों में तेल डालें. इससे आवाज तुरंत बंद हो जाएगी. इसके बाद कुछ आसान वास्तु उपाय अपनाने चाहिए ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे.
दरवाजे की आवाज ठीक करने के बाद मुख्य द्वार को साफ पानी से अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद गंगाजल या हल्दी मिला पानी चौखट पर छिड़कें. हल्दी को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
इसके साथ ही दरवाजे पर हल्दी या कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है.