नई दिल्ली: शनिवार, 10 जनवरी 2026 को पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आरंभ हो रही है. यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जाता है, क्योंकि इसमें कई शुभ-अशुभ योग बन रहे हैं.
इस दिन सूर्य उत्तरायण अवस्था में रहेंगे और चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में संचार करेगा. दिनभर के मुहूर्त और काल को समझकर पूजा, व्रत और अन्य महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं.
राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार आज पौष मास की अष्टमी तिथि है. शक संवत 1947 और विक्रम संवत 2082 चल रहा है. सौर पौष मास प्रविष्टे 27 है, जबकि हिजरी संवत 1447 के अनुसार रज्जब माह की 20 तारीख है. सप्तमी तिथि सुबह 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि का आरंभ होगा. यह समय धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष माना जाता है.
आज दिन में पहले हस्त नक्षत्र रहेगा, जो अपराह्न 3 बजकर 40 मिनट तक प्रभावी रहेगा. इसके बाद चित्रा नक्षत्र का आरंभ होगा. योग की बात करें तो अतिगण्ड योग सायं 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद सुकर्मा योग शुरू होगा. ज्योतिष के अनुसार सुकर्मा योग को कार्यों में सफलता देने वाला माना जाता है.
आज बव करण सुबह 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, इसके बाद कौलव करण प्रभावी होगा. चंद्रमा दिन और रात कन्या राशि में संचार करेगा. कन्या राशि में चंद्रमा का गोचर सोच-समझकर निर्णय लेने और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने का संकेत देता है. इस दौरान शांत मन से किए गए कार्य लाभकारी हो सकते हैं.
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 13 मिनट से 2 बजकर 55 मिनट तक माना गया है. गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 39 मिनट से 6 बजकर 7 मिनट तक रहेगी. इन समयों में पूजा, जप और शुभ कार्य करना उत्तम माना जाता है.
शनिवार को राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. गुलिक काल सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. दुर्मुहूर्त काल सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 57 मिनट तक माना गया है. इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है.
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