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हनुमान जयंती 2026: सुबह की पूजा छूट गई? चिंता मत कीजिए, शाम का करें बजरंगबली की उपासना; ये है शुभ मुहूर्त

आज चैत्र पूर्णिमा पर भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. भक्तों में उत्साह का माहौल है. जो लोग सुबह पूजा नहीं कर पाए, वे चिंता न करें.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: भगवान राम के सबसे प्रिय भक्त हनुमान जी की जयंती आज पूरे देश में धूमधाम से मनाई जा रही है. उनकी भक्ति, बल और बुद्धि की कहानियां सदियों से लोगों को प्रेरणा देती आ रही हैं. मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन उनका जन्म हुआ था. केसरी और अंजना के पुत्र हनुमान जी को शिव का रुद्रावतार भी माना जाता है. इस पावन अवसर पर उनकी पूजा करने से भय, संकट और नकारात्मकता दूर होती है. 

हनुमान जयंती के शुभ मुहूर्त

आज पूजा के लिए दो मुख्य मुहूर्त हैं. सुबह 6 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक पहला मुहूर्त रहा. शाम को 6 बजकर 39 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट तक दूसरा शुभ समय मिलेगा. इसके अलावा दोपहर 12 बजे से 12:50 तक अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है. इन समयों में मन से की गई आराधना जल्दी फल देती है.

आज के शुभ योग और नक्षत्र

हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का खास संयोग बन रहा है. ध्रुव योग दोपहर 2:20 बजे तक रहेगा. हस्त नक्षत्र शाम 5:38 बजे तक प्रभावी रहेगा. इन शुभ योगों में हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है. इससे जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता बनी रहती है. 

हनुमान जी की पूजन विधि

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहनें. पूजा स्थान को शुद्ध करें. हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएं. सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़-चना, बेसन के लड्डू और केला चढ़ाएं. हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और 'ॐ हनुमते नमः' मंत्र का जप करें. अंत में आरती कर प्रार्थना करें.

हनुमान जयंती के विशेष उपाय

मंदिर जाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और 11 बार चालीसा पढ़ें. गुड़-चना का दान करें तथा 108 बार राम नाम का जप करें. शनि या मंगल दोष से पीड़ित लोग नियमित हनुमान चालीसा पढ़ें. इन उपायों से आत्मविश्वास बढ़ता है और परेशानियां कम होती हैं. जरूरतमंदों को दान देने से कृपा शीघ्र प्राप्त होती है.

हनुमान जयंती पर जपने योग्य मंत्र

इस दिन विशेष मंत्र का जप अवश्य करें - 'मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्. वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥' हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ भी अत्यंत प्रभावी है. ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा से किए गए इन जाप से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन सुखमय बनता है.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.