Surya Grahan 2026: कल लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में क्यों नहीं देख पाएंगे यह नजारा
12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसका मुख्य मार्ग उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों से गुजरेगा.
नई दिल्ली: साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और खगोलीय दृष्टि से बेहद खास घटना मानी जा रही है. इस दौरान चंद्रमा कुछ क्षेत्रों में पूरी तरह सूर्य के सामने आ जाएगा और कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पूरी तरह ढक जाएगा. हालांकि भारत में रहने वाले लोगों को इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का प्रत्यक्ष नजारा देखने को नहीं मिलेगा. NASA के अनुसार पूर्ण ग्रहण का मार्ग उत्तरी रूस से होते हुए ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों तक जाएगा.
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण वैश्विक स्तर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण है. NASA के अनुसार ग्रहण की शुरुआत 15:34 UTC के आसपास होगी. पूर्णता का मुख्य क्षेत्र ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन समेत कुछ सीमित क्षेत्रों में रहेगा. वहीं कई दूसरे इलाकों से यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा.
कब शुरू होगा सूर्य ग्रहण?
भारतीय समय के अनुसार 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण रात लगभग 9:04 बजे शुरू होगा. फिर ग्रहण रात लगभग 11:16 बजे अपने पीक पर पहुंचेगा. तारीख में बदलाव के आधार पर, ग्रहण 13 अगस्त को सुबह 1:27 बजे खत्म होगा.
Also Read
इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाएगा. जिन क्षेत्रों में पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा, वहां कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा.
क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
भारत में 12 अगस्त का यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. खगोलीय घटना को देखने के लिए उस समय सूर्य का स्थानीय क्षितिज के ऊपर होना जरूरी होता है. भारत इस ग्रहण के दृश्य क्षेत्र में नहीं है. उपलब्ध खगोलीय मानचित्रों में भी भारत पूर्ण या आंशिक ग्रहण देखने वाले क्षेत्रों में शामिल नहीं है.
इसलिए भारत के किसी भी शहर से लोग इसे सीधे आसमान में नहीं देख पाएंगे. भारत में रहने वालों को ग्रहण देखने के लिए ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम या वैज्ञानिक संस्थानों के प्रसारण का सहारा लेना होगा.
कहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
इस बार पूर्ण सूर्य ग्रहण का सबसे खास नजारा उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा. NASA के अनुसार स्पेन के लियोन और वैलेंसिया जैसे शहरों में पूर्णता का चरण दिखाई देगा. आइसलैंड की राजधानी रेक्याविक में भी पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा.
इसके अलावा दुनिया के कई दूसरे हिस्सों में सूर्य का केवल कुछ भाग चंद्रमा से ढका हुआ दिखाई देगा. ग्रहण का दृश्य क्षेत्र काफी विस्तृत होगा, लेकिन पूर्ण ग्रहण का मार्ग अपेक्षाकृत संकरा रहेगा.
क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक की मान्यता को लेकर अलग अलग परंपराएं हैं. आम तौर पर जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई देता है, वहां ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियमों का पालन किया जाता है. चूंकि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसके सूतक को लेकर धार्मिक परंपराओं में आम तौर पर इसे लागू नहीं माना जाता.