भाजपा का बंगाल में 14 रैलियों का प्लान! पीएम मोदी आज करेंगे 3 रैलियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल को हल्दिया, आसनसोल और सूरी में तीन रैलियां करेंगे. मार्च के मध्य में चुनाव शेड्यूल की घोषणा के बाद से यह राज्य में उनकी दूसरी यात्रा होगी.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रचार अभियान तेज हो गया है. अब इस अभियान को और तेज करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को हल्दिया, आसनसोल और सूरी में तीन रैलियां करेंगे. मार्च के मध्य में चुनाव शेड्यूल की घोषणा के बाद से यह राज्य में उनकी दूसरी यात्रा होगी.
भाजपा द्वारा साझा किए गए प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के अनुसार, मोदी अपनी पहली रैली को सुबह 10:00 बजे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में संबोधित करेंगे, जिसके बाद वे दोपहर 12 बजे पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में पोलो ग्राउंड के आउटडोर स्टेडियम में दूसरी रैली करेंगे. उनकी तीसरी जनसभा दोपहर 2 बजे बीरभूम जिले के सूरी कस्बे के चांदमारी मैदान में आयोजित की जानी है.
कूच बिहार से की चुनावी प्रचार के अभियान की शुरुआत
बंगाल इलेक्शन से पहले ही भाजपा ने पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार का बिगुल बजा दिया है. इससे पहले 5 अप्रैल को मोदी ने उत्तरी बंगाल के कूच बिहार जिले में अपना चुनाव प्रचार किया था. अपनी इस रैली के दौरान पीएम मोदी ने टीएमसी की राज्य में व्याप्त 'अराजकता' पर जोर दिया था. इस दौरान उन्होंने टीएमसी के प्रशासन काल को महाजंगलराज कहा.
14 रैलियां कर सकते हैं पीएम मोदी
इसी दौरान बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी पूरे बंगाल चुनाव के दौरान करीब 14 रैलियां कर सकते हैं. इसमें अकेले पीएम मोदी ही इन रैलियों का भार नहीं संभालेंगे बल्कि इसमें गृह मंत्री अमित शाह भी उनका साथ देंगे.
बता दें गृह मंत्री ने पहले ही कहा था कि वह चुनाव के दौरान इस बार लगभग 15 दिनों के लिए बंगाल में ही रहेंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा. वोटों की गिनती 4 मई को होगी.
क्यों अहम है मोदी की रैली
पीएम मोदी अपनी इन रैली के माध्यम से वेस्ट बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास करेंगे. पीएम की पहली रैली हल्दिया में होना है जोकि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है और पूर्वी मेदिनीपुर जिले में भाजपा के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है.
हल्दिया रैली का महत्व इसलिए भी है क्योंकि पार्टी इस क्षेत्र पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है और इस क्षेत्र में अधिकारी के प्रभाव को प्रदर्शित करना चाहती है, जो टीएमसी को चुनौती देने वाले पार्टी के प्रमुख केंद्रों में से एक है.