पीएम मोदी के दौरे से पहले बंगाल में बवाल, पोस्टर विवाद ने लिया खतरनाक रूप; BJP नेता और CISF जवान घायल
उत्तर 24 परगना में पीएम मोदी की रैली से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई. भाजपा उम्मीदवार पवन कुमार सिंह के घर पर देसी बम फेंके गए. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रविवार रात उस समय तनाव बढ़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को होने वाली जनसभा से पहले तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई. यह घटना जगद्दल पुलिस स्टेशन के पास हुई, जहां दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पहले बहस हुई और फिर मामला पत्थरबाजी और मारपीट तक पहुंच गया.
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री की रैली के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को लेकर हुई. भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने उनके प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाया. इसके बाद दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया.
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कैसी थी वहां की स्थिति?
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भी हालात संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया और कई इलाकों में अफरा-तफरी फैल गई.
इस बीच भाटपारा विधानसभा सीट से 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार पवन कुमार सिंह के घर पर भी हमला होने की खबर सामने आई. बताया गया कि उनके घर पर देसी बम फेंके गए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. इस हमले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा और कम से कम तीन लोग घायल हो गए.
पवन कुमार सिंह ने क्या लगाया आरोप?
पवन कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि यह हिंसा एक दिन पहले भाजपा की बैठक के दौरान शुरू हुए तनाव का नतीजा है. उनका कहना है कि एक स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनकी चुनावी गतिविधियों में बाधा डाली. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन जाने के बाद उनके समर्थकों पर पत्थरों और देसी बमों से हमला किया गया.
भाजपा नेता और बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह भी इस हिंसा में घायल हुए. पवन कुमार सिंह ने यह भी दावा किया कि झड़प के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें सीआईएसएफ का एक जवान पैर में गोली लगने से घायल हो गया.
कब होगा दूसरे चरण का मतदान?
बंगाल में पहले चरण के मतदान में 92.35 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. अब दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी. ऐसे में चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक हिंसा ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.