'TMC वर्कर्स ने वोट देने से रोका और धमकाया...', बंगाल में री-पोलिंग के बीच हुआ जमकर बवाल
पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम के 15 बूथों पर री-पोलिंग जारी है. ईवीएम छेड़छाड़ और टीएमसी कार्यकर्ताओं पर धमकी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग निगरानी कर रहा है. चलिए जानते हैं कैसी है वहां की स्थिति.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान पुनर्मतदान के बीच एक बार फिर सियासी तनाव देखने को मिला. दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार को री-पोलिंग कराई जा रही है. निर्वाचन आयोग के अनुसार दोपहर 1 बजे तक 55.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
इन 15 बूथों में 11 मतदान केंद्र मगराहाट पश्चिम और 4 मतदान केंद्र डायमंड हार्बर क्षेत्र में हैं. सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. चुनाव आयोग ने ईवीएम से छेड़छाड़ और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया.
BJP ने क्या लगाया आरोप?
BJP ने आरोप लगाया था कि फलता इलाके के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में कमल निशान वाले बटन पर टेप लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की गई. इस मामले के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इसके बाद चुनाव आयोग ने शिकायतों का संज्ञान लिया.
सूत्रों के मुताबिक फलता विधानसभा क्षेत्र के 30 अन्य बूथों पर भी पुनर्मतदान हो सकता है. इस पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा. 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 58(2) के तहत कुछ बूथों पर रद्द किया गया था.
कैसी है वहां की स्थिति?
री-पोलिंग के दौरान बाहिरापुरा कुरकुरिया एफपी स्कूल मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतारें देखी गईं. कई मतदाताओं ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि दोबारा मतदान क्यों कराया जा रहा है.
फलता इलाके में स्थानीय लोगों ने All India Trinamool Congress कार्यकर्ताओं पर धमकाने और वोट डालने से रोकने के आरोप लगाए. कुछ लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया. एक महिला ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई कि अगर विपक्ष जीत गया तो उनके घर जला दिए जाएंगे.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या बताया?
इस पूरे विवाद के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि जहां भी गड़बड़ी साबित होगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में जीरो टॉलरेंस की बात कही. राज्य में दो चरणों में कुल 92.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जिसे आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान बताया जा रहा है.
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