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बंगाल चुनाव का 'महासंग्राम': दूसरे चरण में 142 सीटों पर कल वोटिंग, पहली बार NIA तैनात

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत बुधवार को 142 अहम सीटों पर मतदान होना है.

PTI
Ashutosh Rai

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत बुधवार को 142 अहम सीटों पर मतदान होना है. इस चरण को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा का एक अभूतपूर्व और अभेद्य चक्र तैयार किया है. देश के चुनावी इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को चुनाव ड्यूटी में उतारा गया है.

छावनी में तब्दील हुआ बंगाल

राज्य के सात जिलों में CRPF, SSB, ITBP और CISF समेत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 2,550 कंपनियों के लगभग 3.5 लाख जवान तैनात किए गए हैं. अकेले राजधानी कोलकाता में 35,000 सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा है. चुनाव आयोग ने कोलकाता में एक हाई-टेक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया है, जहां से हर पोलिंग बूथ की CCTV के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 6,000 से अधिक क्विक रिस्पॉन्स टीमें और संवेदनशील इलाकों में बख्तरबंद गाड़ियां गश्त कर रही हैं.

वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटने पर भारी राजनीतिक बवाल

दूसरे चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालेंगे, लेकिन इस बार लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटने के कारण भारी राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है. उत्तर 24 परगना से करीब 12.5 लाख, दक्षिण 24 परगना से 11 लाख, हावड़ा से 6 लाख और नदिया से 4.85 लाख नाम हटाए गए हैं. विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से लगभग 25 सीटों के चुनाव नतीजे सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं.

भवानीपुर पर टिकी देश की नजरें

मिनी इंडिया कहे जाने वाले कोलकाता की भवानीपुर सीट इस चरण का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है. यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर है. TMC ने यहां से करीब 51,000 वोटरों के नाम कटने को बड़ी साजिश करार दिया है. 2024 के लोकसभा चुनावों में इस इलाके से TMC की बढ़त घटकर महज 8,000 वोटों की रह गई थी, जिसने इस मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है.

सत्ता की चाबी

दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिले बंगाल की सत्ता के अहम द्वार हैं. पिछली बार इन 64 सीटों में से 58 पर TMC ने कब्जा जमाया था. दक्षिण 24 परगना में करीब 35 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जहां चुनाव प्रचार चरम पर रहा. वहीं, नदिया जिले में CAA और NRC के मुद्दे के साथ मतुआ और नामशूद्र समुदाय का वोट निर्णायक साबित होगा. इस बार बीजेपी ने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की धुआंधार रैलियों के जरिए यहां पूरी ताकत झोंक दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, इन 142 सीटों में से 73 सीटों पर महिला और हिंदू वोटर्स का रुख ही अगली सरकार की तस्वीर साफ करेगा.