क्राइम के मामले में ये राज्य हैं सबसे आगे


Garima Singh
31 Jul 2025

भारत में अपराध का बढ़ता साया

    140 करोड़ से ज्यादा आबादी वाला भारत दुनिया का सबसे घना बस्ती वाला देश है. लेकिन कुछ राज्यों में अपराध की भयावह दर जन सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है.

अपराध के पीछे क्या हैं वजह?

    गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा की कमी, और सामाजिक अशांति जैसे कारक अपराध दर को बढ़ाते हैं. इनसे निपटना कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है.

एनसीआरबी का खुलासा

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, कुछ राज्यों में अपराध की विशिष्ट श्रेणियों में तेज वृद्धि देखी गई है.

उत्तर प्रदेश अपराध का गढ़

    7.4 की प्रति व्यक्ति अपराध दर के साथ उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है. चोरी, हमले, और सांप्रदायिक हिंसा यहाँ की बड़ी चुनौतियां हैं.

अरुणाचल प्रदेश - आश्चर्यजनक आंकड़े

    कम आबादी के बावजूद, अरुणाचल प्रदेश की अपराध दर 5.8 है. दुर्गम इलाके और सुरक्षा प्रतिबंध पुलिसिंग को मुश्किल बनाते हैं.

झारखंड-नक्सल और अराजकता

    5.3 की अपराध दर के साथ झारखंड नक्सल प्रभाव और अवैध खनन से जूझ रहा है. कम रिपोर्टिंग भी एक बड़ी समस्या है.

मेघालय-सुंदरता में छिपा खतरा

    मेघालय की प्रति व्यक्ति अपराध दर 5.1 है. आदिवासी इलाकों में बढ़ता अपराध स्थानीय कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.

दिल्ली-राजधानी में अराजकता

    दिल्ली में 5.0 की अपराध दर के साथ लैंगिक हिंसा और चोरी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जो निवासियों को प्रभावित करती हैं.

अपराध से निपटने का रास्ता

    हरियाणा, ओडिशा, और आंध्र प्रदेश भी सूची में हैं. जागरूकता और बेहतर कानून-व्यवस्था से ही भारत को सुरक्षित बनाया जा सकता है.

More Stories