66 साल पूरे, दूरदर्शन कैसे बना हर घर का पहला टीवी दोस्त?
आज भी हर भारतीय के दिल में बसता है यह सफर
1959 में शुरू हुआ यह सफर आज भी हर भारतीय के दिल में बस्ता है.
भारत की कहानी को स्क्रीन पर उतारा
दूरदर्शन ने न केवल मनोरंजन की दुनिया को बदला, बल्कि बदलते भारत की कहानी को भी स्क्रीन पर उतारा.
हर घर का बना पहला टीवी दोस्त
यह हर घर का पहला टीवी दोस्त बन गया, जिसने संस्कृति, शिक्षा और मनोरंजन को एक मंच दिया.
एक छोटे से स्टूडियो में हुई थी शुरुआत
दूरदर्शन की शुरुआत 1959 में दिल्ली से एक छोटे से स्टूडियो में हुई थी.
शुरूआत में कुछ घंटे होता था प्रसारण
तब यह एक प्रयोग के तौर पर शुरू हुआ, जिसमें सप्ताह में कुछ घंटे प्रसारण होता था.
पूरे देश में बनाई पहचान
1970 के दशक में यह पूरे देश में फैल गया.
रंगीन प्रसारण ने बनाया और भी पॉपुलर
1982 में रंगीन प्रसारण की शुरुआत ने इसे और लोकप्रिय बनाया.
पड़ोसियों के घर बैठकर देखते थे TV
उस दौर में टीवी सेट हर घर में नहीं था, लेकिन पड़ोसियों के साथ मिलकर दूरदर्शन देखना एक परंपरा बन गई थी.
इन शोज ने बांधा समां
'रामायण' और 'महाभारत' जैसे धारावाहिकों ने पूरे देश को टीवी के सामने बांधे रखा.