भारतीय ज्यादा नमक खाकर कैसे जिंदगी के साथ कर रहे हैं खिलवाड़?
Kuldeep Sharma
13 Jul 2025
शहरी भारत में नमक की खपत 9.2 ग्राम प्रतिदिन
WHO की सीमा 5 ग्राम है, भारत के शहरों में लोग औसतन 9.2 ग्राम नमक रोज खा रहे हैं.
ग्रामीण भारत भी पीछे नहीं
ग्रामीण इलाकों में भी औसत खपत 5.6 ग्राम है, जो वैश्विक मानकों से अधिक है.
सेहत पर पड़ रहा बुरा असर
ज्यादा सोडियम लेने से हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हार्ट और किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
पंजाब और तेलंगाना में पायलट प्रोजेक्ट
ICMR-NIE ने इन राज्यों में 3 साल का नमक नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया है.
कम-सोडियम नमक है कारगर उपाय
कम-सोडियम नमक से ब्लड प्रेशर में औसतन 7/4 mmHg की कमी देखी गई है.
लेकिन दुकानों में नहीं है उपलब्धता
चेन्नई में किए गए सर्वे में कम-सोडियम नमक सिर्फ 28% दुकानों में ही उपलब्ध था.
#PinchForAChange कैंपेन की शुरुआत
ट्विटर और लिंक्डइन पर चलाया गया यह अभियान लोगों को कम नमक खाने के लिए प्रेरित कर रहा है.
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
हेल्थ वर्कर काउंसलिंग के जरिए लोगों को नमक सेवन कम करने के लिए प्रेरित करेंगे.
संतुलन की ओर एक कदम
ICMR कहता है, “ये केवल नमक कम करना नहीं, बल्कि दिल और आदतों में संतुलन लाने की पहल है.