Tamil Nadu Assembly Election 2026 Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

कहीं ऐसी जमीन नहीं, जहां जिंदा न जलाए गए हों लोग, कहां है दुनिया का सबसे कलंकित द्वीप?

पोवेग्लिया द्वीप के बारे में पहला इतिहास 421 ईस्वी से भी पहले का है. इस द्वीप को लेकर अबतक जो शोध हुआ है, वह सभी डरावनी कहानी से भरा हुआ है. यही कारण है पोवेग्लिया द्वीप को सभी लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. पढ़िए और जानिए क्या इस द्वीप की पूरी कहानी.

social media
India Daily Live

दुनिया में ऐसी बहुत सी जगहें हैं जिनके रहस्य हजारों साल बाद भी नहीं सुलझ पाए हैं. ऐसे ही रहस्य बंद संदूक में एक राज बनकर रह जाते हैं. आज ऐसे ही एक रहस्य से भरा द्वीप का किस्सा आपको बताते हैं. ये किस्सा एक ऐसा द्वीप का है जहां जाने के बाद कोई भी इंसान जिंदा वापस नहीं लौटता है. यह द्वीप इटली में है, जिसका नाम है पोवेग्लिया द्वीप. इसे 'मौत का द्वीप' भी कहा जाता है. कहा जाता है कि मौत का यह द्वीप एक जमाने में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर था. हालांकि, आज यह द्वीप वीरान अवस्था में पड़ा है. जहां एक इंसान तो दूर पक्षी की भी चहचहाहट नहीं होती है. 

क्या है पोवेग्लिया द्वीप की कहानी?

पोवेग्लिया द्वीप के बारे में पहला इतिहास 421 ईस्वी से भी पहले का है. इस द्वीप को लेकर अबतक जो शोध हुआ है. सभी डरावनी कहानी से भरा हुआ है. पोवेग्लिया द्वीप अब किसी भी पर्यटक, चाहें वह विदेशी हो या स्थानीय, सभी के लिए इस द्वीप को बंद कर दिया गया है.

दरअसल सालों पहले प्लेग महामारी ने इटली में भारी तबाही मचाई थी. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इस रोग के चपेट में आ गए थे. उस समय इटली की सरकार इस बीमारी पर काबू नहीं पा सकी थी. कहा जाता है कि इस दौरान इटली सरकार ने करीब 1 लाख 60 हजार मरीजों को इस द्वीप पर लाकर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया था. इस विनाशकारी बीमारी के बाद इटली में एक और बीमारी फैल गई जिसे काला बुखार कहा जाता है. इस बीमारी से होने वाली मौतें भी लाइलाज थी. उन शवों को भी इसी द्वीप पर लाकर दफनाया गया था. तभी से पोवेग्लिया को दुनिया की सबसे भुतहा जगहों में से एक माना जाता. यहीं कारण है कि अब ये विरान है. 

लाशों को कूड़ेदान बना पोवेग्लिया द्वीप

यह द्वीप वेनिस की खाड़ी में इटली के शहर वेनिस और लीडो के बीच मौजूद है. अब यहां कोई जाना पसंद नहीं करता. ऐसा माना जाता है कि जो भी यहां जाता है वह जिंदा वापस नहीं लौटता है. साल 421 ईस्वी में इस द्वीप पर पहले निवासियों के रूप में बर्बर आक्रमणकारी ने शरण ली थी. 14वीं शताब्दी तक इस द्वीप पर एक अच्छी आबादी रहती थी. सब कुछ सही चल रहा था लेकिन फिर एक-एक कर सभी लोगों ने पोवेग्लिया द्वीप को खाली कर दिया. 

हमेशा के लिए बंद है पोवेग्लिया द्वीप

इस द्वीप की अजीबोगरीब घटनाएं आज भी लोगों के लिए पहेलियां बनी हुई हैं. यही कारण है कि द्वीप अब हमेशा के लिए बंद है. स्थानीय मछुआरे भी इस द्वीप से दूर भागते हैं. भूतहा कहानियों में कितना दम है यह तो कहना मुश्किल है लेकिन इटली का यह द्वीप इस बात का सबूत है कि पानी से घिरा जमीन का हर टुकड़ा खूबसूरत नहीं होता कुछ भू-भागों पर उनका इतिहास हमेशा हावी होता है और इसी फिर वे कहानी में सिमट जाता है.