अफसर बनने की थी चाहत, बना डिलीवरी बॉय; वायरल वीडियो में दिखा UPSC एस्पिरेंट का दर्द व जिद्द

सोशल मीडिया पर वायरल ट्रिप्पी पांडे की कहानी बदलते सपनों और मजबूरियों की सच्चाई दिखाती है. आर्मी और पुलिस का सपना देखने वाला युवक आज जोमैटो डिलीवरी बॉय है, जिसे उसने जिम्मेदारी के साथ स्वीकार किया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: सपने हर इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा होते हैं. बचपन और जवानी में देखे गए ख्वाब अक्सर बहुत बड़े और चमकदार होते हैं. लेकिन वक्त, हालात और जिम्मेदारियां कई बार इंसान को ऐसे रास्ते पर ले आती हैं, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होती. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ट्रिप्पी पांडे की कहानी इसी सच्चाई को सामने लाती है. उनकी एक रील ने हजारों युवाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है.

ट्रिप्पी पांडे ने अपनी रील में बताया कि जब वह 12वीं कक्षा में पढ़ते थे, तब उनका सबसे बड़ा सपना भारतीय सेना में जाना था. उनके लिए आर्मी की वर्दी सम्मान, गर्व और देश सेवा का प्रतीक थी. उस उम्र में उन्होंने खुद को सिर्फ उसी वर्दी में देखा था. उन्हें लगता था कि इससे बड़ा और कोई लक्ष्य हो ही नहीं सकता. यह सपना उनके दिल के बेहद करीब था.

कॉलेज के बाद बदला लक्ष्य

समय के साथ ट्रिप्पी की सोच और लक्ष्य बदलने लगे. कॉलेज पहुंचने के बाद उन्होंने तय किया कि अब वह यूपीएससी की परीक्षा पास करेंगे और पुलिस अफसर बनेंगे. उन्हें लगा कि इस रास्ते से भी वह समाज और देश के लिए कुछ कर सकते हैं. इस दौर में पुलिस की वर्दी उनका नया सपना बन गई. वह खुद को एक जिम्मेदार अफसर के रूप में कल्पना करने लगे थे.

जोमैटो की जैकेट और सच्चाई

आज ट्रिप्पी की जिंदगी एक अलग मोड़ पर है. उनकी वायरल रील में वह जोमैटो की यूनिफॉर्म पहनकर नजर आते हैं. जैकेट दिखाते हुए वह कहते हैं कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें यह वर्दी पहननी पड़ेगी. यह बात वह किसी शिकायत के तौर पर नहीं, बल्कि एक कड़वी सच्चाई के रूप में कहते हैं. उनके चेहरे पर संघर्ष और स्वीकार दोनों साफ दिखाई देते हैं.

काम से नहीं, हालात से जंग

ट्रिप्पी साफ शब्दों में कहते हैं कि उन्हें अपने काम से कोई नफरत नहीं है. उनका मानना है कि जो काम ईमानदारी की कमाई देता है, वह छोटा या शर्मनाक नहीं हो सकता. जोमैटो में डिलीवरी करना उन्हें बुरा नहीं लगता. लेकिन वह यह भी स्वीकार करते हैं कि उनके सपने इससे कहीं बड़े थे. जिंदगी उन्हें यहां लाई, यह उनका चुना हुआ रास्ता नहीं था.

जिम्मेदारी को अपनाने का फैसला

रील में ट्रिप्पी उस पल का जिक्र करते हैं, जब जोमैटो की जैकेट का पार्सल उनके पास आया. जब उन्होंने पहली बार जैकेट पहनकर खुद को आईने में देखा, तब उन्हें जिंदगी के बदलते मोड़ का एहसास हुआ. वीडियो के अंत में वह कहते हैं कि अब जब उन्होंने यह जिम्मेदारी ली है, तो उसे पूरी मेहनत और ईमानदारी से निभाएंगे. उनके शब्दों में निराशा नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का हौसला साफ झलकता है.