'लगता है दादा जी से पूरा मोहल्ला परेशान था', DJ की धून पर निकली शव यात्रा; वायरल होते ही लोगों ने ली चुटकी
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसी व्यक्ति की शव यात्रा के दौरान डीजे पर गाना बज रहा है और लोग जमकर डांस कर रहे हैं.
नई दिल्ली: आमतौर पर शव यात्रा में सन्नाटा और आंसू होते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने सबको चौंका दिया है. वीडियो में अर्थी कंधों पर है, पीछे डीजे तेज आवाज में बज रहा है और लोग उसके बीट पर नाचते-गाते चल रहे हैं. फूल बिखरे पड़े हैं, माहौल जश्न जैसा लग रहा है. कुछ यूजर्स इसे 'सेलिब्रेशन ऑफ लाइफ' कह रहे हैं, यानी मृतक के जीवन को खुशी से याद करना. लेकिन ज्यादातर लोग इसे अनुचित बता रहे हैं. यह वीडियो नई पीढ़ी की सोच और पुरानी परंपराओं के बीच टकराव दिखा रहा है.
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वीडियो में अर्थी उठाए लोग सड़क पर चल रहे हैं. उनके आसपास बड़ी भीड़ है. पीछे डीजे सिस्टम लगा है, जिसमें पुराना रोमांटिक गाना बज रहा है. कुछ लोग हाथ उठाकर ठुमके लगा रहे हैं, जबकि अर्थी वाले गंभीर हैं. फूलों की वर्षा हो रही है. ऐसा लगता है जैसे कोई शादी का जुलूस हो, न कि अंतिम यात्रा. यह दृश्य देखकर लोग हैरान हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है.
कुछ जगहों पर बदल रही परंपरा
कई इलाकों में अब अंतिम यात्रा को दुख के बजाय खुशी से मनाया जा रहा है. खासकर अगर बुजुर्ग ने लंबी उम्र जी हो तो परिवार वाले इसे उत्सव की तरह देखते हैं. जीवन के अच्छे पलों को याद कर संगीत और नृत्य से विदाई देते हैं. लेकिन यह तरीका सबके लिए स्वीकार्य नहीं. ट्रेडिशनल सोच वाले इसे अपमानजनक मानते हैं. वीडियो इसी बदलाव की एक झलक दिखा रहा है.
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
कमेंट बॉक्स में लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं. अमितेश कुमार ने लिखा – जन्म और मृत्यु दोनों उत्सव हैं. राहुल ने कहा – आत्मा का परमात्मा से मिलन है. लेकिन डॉ. राम सैनी का कमेंट सबसे वायरल हुआ – 'लगता है दादा जी से पूरा मोहल्ला परेशान था'. कुछ ने मजाक में कहा कि मरने वाले ने सेंचुरी पूरी की होगी या एक करोड़ छोड़कर गए होंगे. ऐसे कमेंट्स से हंसी भी छूट रही है.
क्या कह रहे हैं यूजर्स?
गोलू ने लिखा – ऐसी लास्ट राइड तो मैं भी डिजर्व करता हूं. शाहरुख ने मजाक उड़ाया – लगता है चाचा ने खूब कमाया. नरेश मीणा ने कहा – डीजे वाले को हर प्रोग्राम में लगाना पड़ता है, शायद कमी रही होगी. अंजू राजपूत ने लिखा – मुझे भी ऐसी विदाई चाहिए, वरना लोग मोबाइल चलाते रहेंगे. कुल मिलाकर, वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
बदलती परंपराएं और बहस
यह वीडियो दिखाता है कि समाज में अंतिम संस्कार को लेकर सोच बदल रही है. कुछ परिवार मृतक की इच्छा या खुशी से विदाई देना चाहते हैं. लेकिन ज्यादातर लोग मानते हैं कि शोक का सम्मान जरूरी है. सोशल मीडिया पर यह बहस जारी है. क्या हर कोई अपनी मर्जी से विदाई दे सकता है या परंपरा को मानना चाहिए? वीडियो ने एक नई चर्चा शुरू कर दी है.