सूरत के कलाकार का कमाल, पेंसिल की नोक पर बनाई सिर्फ 6 मिलीमीटर की गणेश मूर्ति

गणेशोत्सव में जहां विशाल प्रतिमाएं लोगों का ध्यान खींचती हैं, वहीं गुजरात के सूरत के युवा कलाकार पटेल मयंक दिनेशभाई ने महज 6 मिलीमीटर की गणेश मूर्ति बनाकर अनोखी मिसाल पेश की है.

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Shanu Sharma

गणेशोत्सव के दौरान देशभर में अलग-अलग आकार और रूप की गणेश प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र रहती हैं. सूरत में इस बार एक बेहद छोटी प्रतिमा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. स्थानीय कलाकार मयंक ने पेंसिल की नोक पर भगवान गणेश की सिर्फ 6 मिलीमीटर ऊंची मूर्ति तैयार की है.

इतनी छोटी जगह में प्रतिमा के आकार और बारीकियों को उकेरना अपने आप में चुनौतीपूर्ण काम है. यही वजह है कि यह कलाकृति गणेशोत्सव के दौरान लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है.

पेंसिल पर नाम लिखने के प्रयोग से आया विचार

इस मूर्ति को बनाने वाले मयंक के मुताबिक, उन्हें इस माइक्रो-स्कल्पचर को बनाने का विचार अचानक आया. करीब दो साल पहले उन्होंने पेंसिल की नोक पर अपने नाम के अक्षर उकेरने का प्रयोग किया था. इसी प्रयोग के दौरान उनके मन में भगवान गणेश की छोटी प्रतिमा बनाने का विचार आया. इसके बाद उन्होंने पेंसिल की बेहद छोटी नोक पर गणेश प्रतिमा तैयार करने का प्रयास शुरू किया. कई कोशिशों के बाद उन्हें इसमें सफलता मिली और 6 मिलीमीटर की यह प्रतिमा आकार ले सकी. इतनी सूक्ष्म प्रतिमा बनाने के लिए कलाकार को बेहद सावधानी और एकाग्रता के साथ काम करना पड़ा.


मयंक ने बताया कि इस कलाकृति को पूरा करने में उन्हें करीब पांच दिन लगे. इस दौरान उन्हें हर छोटे से छोटे हिस्से को बेहद सावधानी से आकार देना पड़ा. पेंसिल की नोक पर जगह बेहद सीमित होने के कारण काम के दौरान हल्की सी गलती भी पूरी कलाकृति को नुकसान पहुंचा सकती थी. ऐसे में प्रतिमा तैयार करने के लिए धैर्य और हाथों की सटीक गतिविधि बेहद जरूरी थी.

पूजा के बाद पेंसिल का होगा विसर्जन

मयंक ने इस प्रतिमा को केवल प्रदर्शनी के लिए नहीं बनाया है. वह गणेशोत्सव की परंपरा के अनुसार पूजा पूरी होने के बाद इसका विसर्जन भी करेंगे. इसके लिए पूरी पेंसिल को ही विसर्जित करने की योजना है. इस तरह सूक्ष्म कला और धार्मिक आस्था का यह अनोखा मेल गणेशोत्सव की परंपरा से भी जुड़ रहा है. महज 6 मिलीमीटर की यह प्रतिमा आकार में भले ही बेहद छोटी है, लेकिन इसे बनाने में लगा समय, धैर्य और बारीकी इसे खास बनाते हैं.