भटूरे नहीं तेल खा रहे हैं आप, गन्ने के जूस की मशीन में 6 भटूरे डालने पर क्या हुआ? वीडियो देखकर कांप उठेंगे फिटनेस लवर्स

छह भटूरों को गन्ने की मशीन में दबाने पर गिलास भर तेल निकलने का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखकर फिटनेस लवर्स चिंता में पड़ सकते हैं.

Instagram
Sagar Bhardwaj

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से चर्चा में है, जिसमें छह भटूरों को गन्ने का जूस निकालने वाली मशीन में दबाया जाता है. इस दौरान तले हुए भटूरों से तेल निकलकर एक गिलास में जमा होता दिखाई देता है. देखते ही देखते गिलास तेल से भर जाता है. इस वीडियो ने तली हुई चीजों में मौजूद तेल की मात्रा को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है.

आचार्य मनीष ने शेयर किया वीडियो

इंस्टाग्राम पर आचार्य मनीष द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में भटूरों को मशीन से दबाकर उनमें से तेल निकालने का प्रदर्शन किया गया है. इसका मकसद तली हुई चीजों के अधिक सेवन और खानपान की आदतों पर लोगों का ध्यान दिलाना है. हालांकि, वीडियो में निकला तेल यह साबित नहीं करता कि शरीर भटूरों से कितना तेल अवशोषित करता है.


ज्यादा तला-भुना खाने के नुकसान पर चर्चा

वीडियो में आचार्य मनीष अधिक तैलीय भोजन के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की बात कहते हैं. वह ऐसी खानपान की आदतों को दिल की बीमारियों, किडनी और लिवर संबंधी समस्याओं तथा पीसीओडी जैसी स्थितियों से जोड़ते हैं. हालांकि, केवल इस प्रदर्शन के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भटूरे सीधे इन बीमारियों का कारण बनते हैं.

वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने तली हुई चीजों के सेवन पर अपनी राय दी. कुछ यूजर्स ने इसे खानपान की आदतों पर ध्यान देने की चेतावनी बताया, जबकि अन्य ने कहा कि भटूरे स्वादिष्ट जरूर हैं, लेकिन इन्हें रोज खाना सही नहीं है.

मशीन चलाने वाले दुकानदार की प्रतिक्रिया

वीडियो में गन्ने का जूस निकालने वाली मशीन चलाने वाला दुकानदार भी नजर आता है. छह भटूरों से तेल निकलकर गिलास भरते देखकर वह कहता है कि अब वह कभी भटूरे नहीं खाएगा. उसकी प्रतिक्रिया भी वीडियो का चर्चा में रहने वाला हिस्सा बन गई है.

संतुलित खानपान पर जोर

इस वीडियो ने लोकप्रिय तली हुई चीजों और सेहत के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है. विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि अधिक तले और वसायुक्त भोजन का सेवन सीमित रखना चाहिए. हालांकि, भटूरे से निकले तेल की मात्रा शरीर में अवशोषित होने वाले तेल या किसी खास बीमारी के खतरे का सटीक माप नहीं है. संतुलित आहार और सीमित मात्रा में सेवन बेहतर खानपान की अहम आदतें हैं.