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55 लड़कियों से बात की, Excel में रखा पूरा हिसाब, ऐसे मिली विकास को दुल्हन

पुणे के 29 साल के विकास ने शादी के लिए रिश्ता तलाशने का अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने करीब 55 लड़कियों से हुई बातचीत और रिश्तों की स्थिति को Excel Sheet में रिकॉर्ड किया. कई महीनों तक रिश्तों को समझने के बाद आखिरकार उन्हें ऐसा पार्टनर मिला, जिसके साथ उनकी सोच और भविष्य की योजनाएं मेल खाती थीं.

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Edited By: Babli Rautela
55 लड़कियों से बात की, Excel में रखा पूरा हिसाब, ऐसे मिली विकास को दुल्हन
Courtesy: AI

शादी के लिए सही पार्टनर की तलाश अक्सर लंबी प्रक्रिया होती है. परिवार की पसंद से लेकर स्वभाव, करियर, लाइफस्टाइल और भविष्य की योजनाओं तक कई चीजों को ध्यान में रखना पड़ता है. पुणे के 29 वर्षीय विकास ने इसी प्रक्रिया को एक अलग तरीके से व्यवस्थित किया. पेशे से डेटा एनालिस्ट विकास ने शादी के लिए संभावित रिश्तों का रिकॉर्ड रखने के लिए एक Excel Sheet तैयार की. इसमें उन्होंने अलग अलग रिश्तों से हुई बातचीत और उनकी स्थिति को दर्ज किया. उनकी यह अनोखी कोशिश अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

करीब 55 लड़कियों से हुई बातचीत

विकास ने अपनी शादी की तलाश के दौरान करीब 55 लड़कियों से बातचीत की. हर बातचीत आगे रिश्ते में नहीं बदल सकी. कहीं सोच नहीं मिली, कहीं परिवार की राय अलग रही तो कुछ जगह बातचीत खुद ही आगे नहीं बढ़ पाई. उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए स्प्रेडशीट का इस्तेमाल किया. उनका उद्देश्य यह समझना था कि किस रिश्ते में बातचीत किस स्तर तक पहुंची है और किस रिश्ते में आगे बढ़ने की संभावना है.

Excel Sheet में रिश्तों की बनाई कैटेगरी

विकास की स्प्रेडशीट में रिश्तों को अलग अलग कैटेगरी में रखा गया था. इनमें ओपन, क्लोज्ड, ऑन होल्ड और टॉकिंग जैसी कैटेगरी शामिल थीं. इससे उन्हें आसानी से पता चलता था कि किस लड़की से बातचीत जारी है, किस रिश्ते को फिलहाल रोक दिया गया है और किस रिश्ते में आगे बढ़ने की संभावना नहीं है. वह बातचीत से जुड़ी जरूरी बातों को भी नोट करते थे. इसमें दोनों की सोच, भविष्य की योजनाएं, लाइफस्टाइल और बातचीत के दौरान बनने वाली समझ जैसी बातें शामिल थीं.

नवंबर 2025 से शुरू हुई तलाश

रिपोर्ट के मुताबिक विकास ने नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच अपनी शादी की तलाश का रिकॉर्ड रखा. शुरुआती महीनों में वह हर महीने कई संभावित रिश्तों से बातचीत कर रहे थे. कुछ महीनों में उन्होंने करीब नौ महिलाओं से भी बात की. हालांकि हर रिश्ते का नतीजा अलग रहा. धीरे धीरे उन्हें समझ आने लगा कि सिर्फ बातचीत की संख्या मायने नहीं रखती बल्कि सही व्यक्ति के साथ सोच और समझ का मेल होना ज्यादा जरूरी है.

विकास की तलाश में अप्रैल के बाद बड़ा बदलाव आया. उस समय तक उन्हें एक ऐसा रिश्ता मिल चुका था, जिसमें उन्हें भविष्य की संभावना नजर आने लगी. इसके बाद उन्होंने दूसरे रिश्तों की तलाश रोक दी और उसी महिला के साथ अपने रिश्ते को समझने पर ध्यान देना शुरू कर दिया. दोनों के बीच सोच और भविष्य की योजनाओं को लेकर बेहतर तालमेल नजर आया.