भ्रष्टाचार के 'सबूतों की माला' में लिपटकर रेंगते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा शख्स, DM के फूल गए हाथ-पांव, तुरंत दिए जांच के आदेश
फरीयादी ने बताया कि वह पिछले 7 साल से कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहा है. कहते-कहते थक चुका है कि उसके पास प्रधान द्वारा किए गए करोड़ों के भ्रष्टाचार के पर्याप्त सबूत हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए अफसरशाही और सफेदपोश धारियों को जगाने के लिए उसने ये अनोखा तरीका अपनाया.
MP News: चिलचिलाती धूप, हाड कंपा देने वाली ठंड या मूसलाधार बारिश में मतदान केंद्र पहुंचकर जो आम इंसान अपने नुमाइंदों को चुनता है. चुनाव के बाद उसी आम इंसान को न्याय के लिए अपने नुमाइंदों के सामने रैंगना पड़ता है. जी हां, ठीक पढ़ा आपने रैंगना पड़ता है. नीचे दिखाया गया वीडियो इस बात की तस्दीक है. भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच की मांग के हजारों आवेदन और सबूत देने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शख्स ने सोई हुई अफसरशाही और सफेदपोश धारियों को जगाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया.
शिकायतकर्ता आवेदनों और सबूतों की लंबी माला बनाकर और खुद को उन सबूतों में लपेटकर रेंगते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा. जरा सोचिए कि वह शख्स प्रशासन की अनदेखी से कितना त्रस्त हो गया होगा जिसने भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की गुहार लगाते हुए अपने सिर पर चप्पल रख ली. किसी संवेदनशील व्यक्ति के लिए यह घटना किसी त्रासदी से कम नहीं.
सिंगोली तहसील में काकरिया तलाई गांव पड़ता है. गांव के निवासी मुकेश प्रजापति लगातार गांव के सरपंच और उसके पति पर तलाई निर्माण और विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपए का गबन करने का आरोप लगाते रहे हैं. उनके पास इसके सबूत भी हैं लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. मुकेश का कहना है कि उन्होंने तथ्यों के साथ लोकायुक्त से भी इसकी शिकायत की, मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया लेकिन नीमच प्रशासन से लेकर शासन तक कोई सुनवाई नहीं हुई.
मुकेश ने कहा कि वह पिछले 7 सालों से कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं. जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने प्रशासन को जगाने के लिए ये तरीका चुना.
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
मामला मीडिया में ना उछलता को कलेक्टर शायद अब भी न जागते लेकिन अब वे जाग गए हैं और उन्होंने 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर तीन दिन के भीतर शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है.
एसडीएम ने की फरियादी को मनाने की कोशिश
जब मुकेश प्रजापति ने सिर पर चप्पल रखकर कलेक्ट्रेट के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया तो प्रशासन की धज्जियां उड़ गईं. एसडीएम साहिबा ममता खेडे़ अपनी कुर्सी से उठने को मजबूर हुईं और फरियादी को मनाने की कोशिश की.
क्या बोले अधिकारी
इस मामले में नीमच SDM ममता खेड़े ने कहा- जावद जनपद पंचायत क्षेत्र के एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ उन्होंने शिकायत की है। इस बारे में पहले भी जांच की जा चुकी हैं। कलेक्टर साहब ने विधिवत जांच कर उन्हें बताने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ को जांच के लिए कहा गया है।
वहीं नीमच के कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि शिकायतों के निराकरण के लिए कमेटी बनाई गई है. समिति 3 दिन में जांच रिपोर्ट देगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.