इस देश के लोग मोटापे की वजह से नहीं ले पा रहे सेक्स का भरपूर मजा, स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
ब्रिटेन के लोग मोटापे के कारण सेक्स का आनंद नहीं ले पा रहे हैं. एक स्टडी में यह खुलासा हुआ है. स्टडी के मुताबिक, ब्रिटेन के आधे से अधिक लोगों ने माना कि वे सेक्स करने के लिए बहुत ज्यादा मोटे हैं.
ब्रिटेन के लोग मोटापे के कारण सेक्स का आनंद नहीं ले पा रहे हैं. एक स्टडी में यह खुलासा हुआ है. स्टडी के मुताबिक, ब्रिटेन के आधे से अधिक लोगों ने माना कि वे सेक्स करने के लिए बहुत ज्यादा मोटे हैं. स्टडी के मुताबिक ब्रिटेन में आधे से ज्यादा लोग खुद को इतना मोटा समझते हैं कि वे सेक्स का मजा नहीं ले पाते. स्टडी के मुताबिक, सोशल मीडिया इस समस्या की बड़ी वजह बन रहा है, जहां परफेक्ट बॉडी वाली तस्वीरें देखकर लोग खुद से नाखुश हो जाते हैं.
हेल्थ कंपनी नुमन की ओर से कराए गए इस सर्वे में 2,000 ब्रिटिश वयस्कों से बात की गई. रिजल्ट्स से पता चला कि 60 प्रतिशत लोगों को सेक्स के दौरान बॉडी को लेकर असुरक्षा महसूस होती है. अगर इसे पूरे देश पर लागू करें तो करीब 32 मिलियन लोग ऐसा महसूस करते होंगे. खास बात ये है कि 24 प्रतिशत लोग हर बार इंटीमेसी के दौरान ये फील करते हैं, यानी लगभग 13 मिलियन ब्रिटिश लोग हर बार बेडरूम में परेशान रहते हैं.
युवा सबसे ज्यादा प्रभावित
18 से 34 साल के 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया उनकी सेक्सुअल कॉन्फिडेंस को सीधे प्रभावित करता है. पुरुष और महिलाएं लगभग बराबर प्रभावित हैं, लेकिन महिलाओं में ये असुरक्षा थोड़ा ज्यादा (62 प्रतिशत) है, जबकि पुरुषों में यह असुरक्षा 57 प्रतिशत है.
सोशल मीडिया से कम हो रहा कॉन्फिडेंस
कई लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटी और परफेक्ट बॉडी वाली तस्वीरें देखकर वे खुद को कम आंकते हैं. इससे न सिर्फ कॉन्फिडेंस कम होता है, बल्कि सेक्स ड्राइव कम होना, उत्तेजना में दिक्कत और संतुष्टि न मिलना जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं. सर्वे में 32 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनका वजन उनकी सेक्स लाइफ में रुकावट बन रहा है.
नुमन की बिहेवियरल एक्सपर्ट जोई ग्रिफिथ्स ने कहा, "ये रिसर्च ब्रिटेन में सेक्सुअल कॉन्फिडेंस पर सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी कल्चर के गहरे असर को दिखाती है. जब 60 प्रतिशत लोग कहते हैं कि ऑनलाइन बॉडी आइडियल उन्हें सेक्स के दौरान असुरक्षित महसूस कराते हैं, और हर चौथा व्यक्ति हर बार ऐसा फील करता है, तो ये साफ है कि ये सिर्फ सेल्फ-एस्टीम की बात नहीं, बल्कि असल जिंदगी की इंटीमेसी पर असर डाल रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "सोशल मीडिया नामुमकिन स्टैंडर्ड सेट करता है. वहां बहुत सारी एडिटेड और अनरियलिस्टिक तस्वीरें दिखती हैं, जो ज्यादातर लोग मैच नहीं कर सकते. इससे सेक्सुअल कॉन्फिडेंस कम होता है, लिबिडो घटता है और रिलेशनशिप प्रभावित होती हैं. ये कोई सिर्फ दिखावे की समस्या नहीं, बल्कि एक बढ़ती पब्लिक हेल्थ चिंता है. डिजिटल कल्चर के सेक्सुअल वेलबीइंग पर असर को जल्द संबोधित करने की जरूरत है."
ये स्टडी बताती है कि सोशल मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों की निजी जिंदगी और रिश्तों को भी प्रभावित कर रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बॉडी पॉजिटिव कैंपेन और रियल इमेजेस को बढ़ावा देने से मदद मिल सकती है.