अयोध्या के सिविल लाइंस इलाके में हुई एक अनोखी घटना इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में अंजू देवी के उस समय होश उड़ गए, जब एक बंदर उनके 42,105 रुपये छीनकर भाग गया. महिला ने रकम वापस लेने की काफी कोशिश की, लेकिन बंदर ने पैसे मजबूती से पकड़ रखे थे. हालात ऐसे बन गए कि महिला के लिए अपने रुपये वापस पाना मुश्किल हो गया.
घटना की जानकारी आसपास के लोगों के जरिए पुलिस तक पहुंची. मामला सामान्य चोरी से बिल्कुल अलग था, क्योंकि रुपये किसी इंसान के पास नहीं बल्कि बंदर के कब्जे में थे. ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती थी कि बिना बंदर को डराए या उसके साथ जोर-जबरदस्ती किए पैसे कैसे वापस लिए जाएं.
सूचना मिलने के बाद सब-इंस्पेक्टर अशोक कुमार, सब-इंस्पेक्टर पंकज सिंह, हेड कांस्टेबल कुलदीप यादव और कांस्टेबल अंकित मौके पर पहुंचे. पुलिसकर्मियों ने स्थिति को समझने के बाद बंदर को पकड़ने या उससे रुपये छीनने की कोशिश नहीं की. उन्हें अंदाजा था कि ऐसा करने पर बंदर भाग सकता है या पैसे कहीं फेंक सकता है. इसके बाद पुलिस ने बंदर का ध्यान भटकाने के लिए केले का सहारा लिया. जैसे ही बंदर केले में व्यस्त हुआ, पुलिसकर्मियों ने सावधानी से उसके पास से रुपये निकाल लिए. इस तरह बिना किसी नुकसान या अफरातफरी के पूरी रकम बरामद कर ली गई.
... बंदर !
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) August 19, 2026
UP- अयोध्या में एक टैंपो का किराया देते वक्त अंजू के हाथ से रूपयों से भरा बैग लेकर बंदर भाग गया. वह सिविल लाइन पुलिस चौकी में पेड़ पर जाकर बैठ गया काफी मशक्कत के बाद भी पैसों से भरा बैग देने को तैयार नही हुआ. फिर पुलिसवालों ने उसे केले खिलाये. उसका ध्यान बंटा और फिर… pic.twitter.com/7Y7ALyzEXs
बंदर के पास से रुपये बरामद करने के बाद पुलिसकर्मियों ने रकम की जांच की और 42,105 रुपये पूरे होने की पुष्टि की. इसके बाद पैसे अंजू देवी को वापस सौंप दिए गए. अपनी रकम वापस मिलने पर महिला ने पुलिसकर्मियों का आभार जताया. मौके पर मौजूद लोगों ने भी पुलिस की सूझबूझ की सराहना की. आमतौर पर बंदर को भगाने या पकड़ने की कोशिश में स्थिति बिगड़ सकती थी, लेकिन पुलिस ने शांत रहकर ऐसा तरीका अपनाया जिससे न बंदर को नुकसान पहुंचा और न महिला की रकम गई. अयोध्या की यह घटना इसलिए भी खास बन गई है क्योंकि पुलिस ने समस्या का हल बल प्रयोग से नहीं, बल्कि समझदारी से निकाला.