जयपुर में एंबुलेंस को रोककर बहस करती रही महिला, वीडियो बनाते हुए राहगीर से उलझी, वायरल वीडियो पर भड़के लोग

वीडियो इंस्टाग्राम पर 'मेमोरीज ऑफ लोकेन्द्र' हैंडल से शेयर किया गया. इसे 76 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा. फुटेज में महिला बहस रिकॉर्ड कर रही है जबकि उसकी कार सड़क पर रुकी हुई है. एम्बुलेंस पीछे खड़ी है और सायरन बजा रही है. लोगों का कहना है कि एम्बुलेंस किसी मरीज को अस्पताल ले जा रही होगी.

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जयपुर में एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर भारी बवाल खड़ा कर दिया है. वीडियो में एक महिला अपनी कार बीच सड़क पर रोककर किसी यात्री से तीखी बहस करते हुए नजर आ रही है. पीछे एम्बुलेंस का सायरन बज रहा है और वह रास्ता खाली होने का इंतजार कर रही है. यह घटना पंचयावाला इलाके में वैशाली मार्ग वेस्ट पर एचपी पेट्रोल पंप के पास की बताई जा रही है.

जयपुर में एंबुलेंस को रोककर बहस करती रही महिला

वीडियो इंस्टाग्राम पर 'मेमोरीज ऑफ लोकेन्द्र' हैंडल से शेयर किया गया. इसे 76 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा. फुटेज में महिला बहस रिकॉर्ड कर रही है जबकि उसकी कार सड़क पर रुकी हुई है. एम्बुलेंस पीछे खड़ी है और सायरन बजा रही है. लोगों का कहना है कि एम्बुलेंस किसी मरीज को अस्पताल ले जा रही होगी.


इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. कई यूजर्स ने महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. एक यूजर ने लिखा- 'उसका लाइसेंस रद्द करो और भारी जुर्माना लगाओ. अगर मरीज की मौत हो जाए तो उस पर आपराधिक लापरवाही का केस चलाना चाहिए.' दूसरे ने कहा- 'यह आपराधिक अपराध है. पुलिस को रिपोर्ट करनी चाहिए.'

कुछ लोगों ने वीडियो बनाने वाले पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि बहस देखकर क्यों नहीं महिला को कार आगे बढ़ाने के लिए कहा. एक कमेंट में लिखा गया- 'सिर्फ देखते रहने की बजाय कुछ करो. महिला से कहो कि कार हटाए.'

वीडियो की प्रामाणिकता अभी तक स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुई है. घटना की सही परिस्थितियां भी स्पष्ट नहीं हैं. फिर भी सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है. लोग कह रहे हैं कि सड़क पर ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. एम्बुलेंस को रोकना गंभीर मसला है.

जयपुर जैसे शहर में ट्रैफिक पहले से ही समस्या है. ऐसे में एम्बुलेंस को रास्ता न देना कई लोगों को नागवार गुजरा. पुलिस से मांग की जा रही है कि वीडियो की जांच करे और अगर महिला दोषी पाई जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो. कई यूजर्स ने कहा कि मरीज की जान से बड़ा कोई तर्क नहीं हो सकता.