'कुछ और नौकरियां गईं...' हर्ष गोयनका ने शेयर किया मेहंदी लगाने वाली मशीन का VIDEO; हो रहा VIRAL

मेहंदी लगाने का काम अब मशीन करती नजर आ रही है. उद्योगपति हर्ष गोयनका ने ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद ऑटोमेशन और रोजगार को लेकर बहस तेज हो गई.

@hvgoenka
Reepu Kumari

नई दिल्ली: मेहंदी लगवाना आमतौर पर किसी खास मौके से जुड़ा अनुभव होता है. शादी हो, त्योहार हो या कोई समारोह, हाथों पर सुंदर डिजाइन बनाने के लिए लोग मेहंदी कलाकारों का सहारा लेते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में यह काम मशीन करती दिखाई दी. महिला ने अपना हाथ मशीन के भीतर रखा और उसके बाद मशीन ने त्वचा पर बारीक डिजाइन बनाना शुरू कर दिया. इसने पारंपरिक हुनर और तकनीक के बीच नई बहस छेड़ दी.

हर्ष गोयनका के एक वाक्य ने खींचा ध्यान

उद्योगपति हर्ष गोयनका ने इस वीडियो को एक्स पर साझा करते हुए लिखा, 'Some more jobs gone.' उनका यह छोटा सा कमेंट वीडियो से ज्यादा चर्चा में आ गया. सवाल उठने लगा कि अगर मशीनें ऐसे काम भी करने लगें, जिनमें इंसानी हुनर और हाथ की जरूरत होती है, तो इसका असर रोजी रोटी पर कितना पड़ेगा. मेहंदी लगाने जैसे काम में तकनीक की एंट्री ने ऑटोमेशन की पहुंच को लेकर लोगों की चिंता सामने ला दी.


यूजर्स बोले-हाथ की कला की जगह मशीन नहीं ले सकती

वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं रहीं. कुछ यूजर्स ने कहा कि शादी से पहले महिलाएं ऐसी सुई जैसी मशीन में हाथ रखने से बचेंगी, इसलिए मेहंदी कलाकारों का काम सुरक्षित है. दूसरे यूजर्स ने हाथ से बनाई गई डिजाइन की खूबसूरती को मशीन से अलग बताया. उनके मुताबिक हाथ के काम की छोटी कमियां और उसमें मौजूद मानवीय स्पर्श ही उसे खास बनाते हैं.

ऑटोमेशन से नौकरी जाएगी या नए मौके बनेंगे?

बहस का दूसरा पक्ष यह भी है कि मशीनें केवल रोजगार खत्म नहीं करतीं, बल्कि कुछ नए अवसर भी पैदा कर सकती हैं. एक यूजर ने कहा कि ऐसी मशीन तैयार करने के पीछे इंजीनियरिंग और तकनीकी काम जुड़ा है, जिससे रोजगार के नए रास्ते बन सकते हैं. यानी एक पारंपरिक काम में मशीन आने से एक तरह की भूमिका कम हो सकती है, लेकिन उसके साथ डिजाइन, तकनीक, रखरखाव और निर्माण जैसे क्षेत्रों में नई जरूरतें पैदा हो सकती हैं.