पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन सोशल मीडिया पर चल रहे 'लड्डू मुथ्या' के लेटेस्ट ट्रेंड में कूद पड़े हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे लड्डू मुथ्या बाबा (पंखा बाबा) का मजाक उड़ाते हुए अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है.
वीडियो में वह पंखा बाबा की तरह एक कुर्सी पर बैठे हुए हैं. दो लोग उन्हें कुर्सी समेत ऊपर उठाते हैं और फिर धवन नंगे हाथों से तेज रफ्तार पंखे को रोक देते हैं और फिर वे आस-पास खड़े लोगों को आशीर्वाद देते हैं. यही नहीं शिखर धवन बुरी तरह हिल रहे एक शख्स पंखा बाबा की तरह ही अपने जादूई हाथ का स्पर्श करते हैं जिसके बाद वह शख्स तुरंत ठीक हो जाता है.
सोशल मीडिया पर पंखा बाबा के इसी तरह के वीडियो पिछले कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिन पर लोग जमकर रील बना रहे हैं. वीडियो के कैप्शन में धवन ने लिखा, 'फैन वाले बाबा की जय हो.' इस वीडियो को अब तक 57 मिलियन बार देखा जा चुका है.
इस वीडियो पर जमकर कमेंट आ रहे हैं. एक शख्स ने वीडियो पर कमेंट कर कहा, 'इस वीडियो के साथ ही अब यह ट्रेंड बंद होना चाहिए.'
कौन थे लड्डू मुथ्या
कई लोगों का मानना है कि लड्डू मुठ्या एक विकलांग व्यक्ति थे. युवा अवस्था में ही वे अपने घर से भाग आए थे और संत बनने के लिए कर्नाटक के बागलकोट में आकर रहने लगे थे. वे जरूरत मंदों की सहायता करते थे. कहा जाता है कि वे 20 साल तक इस शहर में रहकर लोगों की सेवा करते रहे, वे लोगों को आशीर्वाद देते थे और भीक्षा मांगकर गुजारा करते थे.
बाबा के पास थी दैवीय शक्ति
उनके अनुयायी मानते हैं कि बाबा के पास दैवीय शक्ति थी, वे जहां भी जाते थे वहां कृपा बरसती थी. लोगों का मानना है कि वह जिस किसी के घर चले जाते थे वहां धन-धान्य की बरसात होती थी. अगर वह किसी दुकान के सामने खड़े हो जाते थे तो उस दुकान का व्यापार बढ़ने लगता था.
उनकी इन्ही चमत्कारी शक्तियों को देखने के बाद लोगों ने उनका नाम 'लड्डू विकलांग अवतार' रख दिया था. क्षेत्र में उनका प्रभाव बढ़ता गया. उनके नाम पर कई सारे मंदिर बनवाए गए. जानकारी के मुताबिक लड्डू मुथ्या 1993 में स्वर्गवासी हो गए. लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो लड्डू मुथ्या बाबा के नहीं हैं बल्कि उनके मंदिर में पूजा करने वाले एक पुजारी के हैं.