Commonwealth Games 2026

भारत में महिला के साथ 7 'शैतानों' ने किया गैंगरेप, बाइक पर अफगानिस्तान पहुंच कर रचा इतिहास लेकिन 'तालिबान राज' में झेली कई यातनाएं

Fernanda Entered in Afghanistan on Bike: भारत में सामूहिक दुष्कर्म जैसी भयावह घटना घटित होने के बावजूद यह जोड़ा यात्राओं पर निकलता रहा और भारत को शानदार जगह भी बताता रहा. 

Instagram
Kanhaiya Kumar Jha

Fernanda Entered in Afghanistan on Bike: भारत में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई एक महिला अफगानिस्तान में मोटरसाइकिल से प्रवेश किया है. वो पहली ऐसी महिला है, जिसने तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान में बाइक से एंट्री ली है. 28 वर्षीय ट्रैवल इन्फ्लुएंसर फर्नांडा और 63 वर्षीय विसेंट, सोशल मीडिया पर वीडियो बनाते हैं और इससे हुई कमाई के जरिए अपनी आजीविका चलाते हैं. 

दरअसल, बीते साल जब वो भारत दौरे पर आई थी, तब झारखंड में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटित हुई थी. झारखंड के दुमका ज़िले में जब वो रात बिताने के लिए रुकी, तो वहां उन्होंने विसेंट के साथ डेरा डाला था. यहां कुछ पुरुषों के एक गिरोह ने उन्हें पकड़ लिया और फर्नांडा के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.

सात लोगों ने घिनौनी वारदात को दिया था अंजाम

रिपोर्ट्स के मुताबिक सात हमलावरों ने कथित तौर पर हेलमेट और पत्थर से विसेंट को पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थी. हालांकि केवल तीन आरोपी ही अदालत में पेश हुए. यह जोड़ा, जिनके इंस्टाग्राम पर 3,00,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं, अपनी वैश्विक बाइक यात्रा के क्रम में अलग-अलग बाइकों से भारत से नेपाल जा रहा था, तभी ये घटना घटित हुई. 


यह घटना इस जोड़े के लिए एक भयानक हादसा था, बावजूद इसके यह जोड़ा दुनिया भर की अपनी यात्राओं पर निकलता रहा. स्पेन से लेकर कोलंबिया तक की यात्रा इस जोड़े ने की और जोर देकर कहा कि भारत एक शानदार देश है और घूमने लायक है. कपल, अपनी यात्रा और प्यार को इसी तरह अनवरत जारी रखना चाहता है.

'जिंदगी अपने आप में एक तोहफ़ा है, हम इसे हल्के में लेते हैं'

फर्नांडा ने कहा कि ज़िंदगी अपने आप में एक तोहफ़ा है. मुझे पता है कि हम इसे हल्के में लेते हैं, लेकिन जब ऐसी परिस्थितियां आती हैं कि आप मुश्किल से अगला दिन देख पाते हैं, तो आपको सोचना पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमें दूसरा मौका मिला है, हम अभी भी ज़िंदा हैं, हां यह मुश्किल ज़रूर था, लेकिन हम अभी भी सांस ले रहे हैं. हम सफ़र पर निकलेंगे, हम अपनी ज़िंदगी जीते रहेंगे, ऐसा न करना बुराई को जीतने देना है, और हम ऐसा नहीं करेंगे. हम हार मानने वाले नहीं हैं. हम पहले से कहीं ज़्यादा उत्साह के साथ अपनी यात्रा जारी रखते हैं.

तालिबान राज में जोड़े को झेलनी पड़ी मुश्किलें!

हाल ही में एक यूट्यूब वीडियो में, फर्नांडा और विसेंट को अफ़गानिस्तान के खाली रेगिस्तानों से गुज़रते और यहां तक कि खुले मैदान में डेरा डालते हुए देखा जा सकता है.रात में, बाहर अपने अस्थायी बिस्तरों में दुबके हुए, विसेंट ने कैमरे के सामने कहा कि आज का दिन भी अफ़ग़ानिस्तान में रोज की तरह ही बेहद तनावपूर्ण था. हमने खाना बंद कर दिया और एक तालिबानी सदस्य लाठी लिए सबको वहां से जाने को कह रहा था. दंपति सड़क पर थे और 300 लोगों ने उन्हें घेर लिया था, इसलिए वे गाड़ी चलाकर वहां से नहीं जा पा रहे थे. उन्होंने स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें घेर लिए जाने के वीडियो क्लिप दिखाए, जो उन्हें घूर रहे थे. 

बाद में, उन्होंने उस पल को याद किया जब वे तालिबान की एक चौकी पर पहुँचे थे. दोनों को थोड़ा अलग किया गया और फिर उन्हें रोककर पासपोर्ट और वीज़ा दिखाने के लिए मजबूर किया गया. उन्हें काफी देर तक रोके रखा गया और जब वे वहां से निकले तो उन्होंने एक कार के मलबे के कई टुकड़े देखे, जिस पर उन्होंने बताया कि बमबारी हुई थी. वीडियो में, वे सैन्य बैरकों और चौकियों पर गए, जहां फर्नांडा मानसिक संघर्ष के कारण फूट-फूट कर रोने लगी और गाड़ी चलाते समय बीमार भी पड़ गई.