उत्तर प्रदेश के मेरठ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पनीर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. जानी थाना क्षेत्र के नगला कुंभा गांव में छापेमारी के दौरान करीब 28 क्विंटल यानी 2800 किलो से ज्यादा मिलावटी पनीर बरामद किया गया. यह पनीर केमिकल और रिफाइंड ऑयल मिलाकर बनाया जा रहा था, जो लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है.
विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि मेरठ के जानी क्षेत्र से भारी मात्रा में नकली पनीर दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा है. मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम ने पुलिस के साथ मिलकर दो अवैध फैक्ट्रियों पर छापा मारा. मौके से न सिर्फ नकली पनीर, बल्कि भारी मात्रा में रिफाइंड ऑयल और संदिग्ध केमिकल पाउडर के पैकेट भी बरामद हुए.
यूपी : मेरठ में केमिकल पनीर बनाने वाली 2 फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। 2800 किलो से ज्यादा पनीर मिला है। केमिकल और रिफाइंड मिलाकर ये पनीर बनाया जा रहा था। पूरे दिल्ली–NCR में इसकी सप्लाई होती थी। pic.twitter.com/ioXsMpuujM
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 16, 2026
कुछ पनीर को जमीन में गाड़कर छिपाने की कोशिश की गई थी. खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि इस नकली पनीर में इस्तेमाल किए गए केमिकल लीवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य संबंधी बड़ी समस्याएं हो सकती हैं. पनीर के नमूने लैब टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं. दोनों फैक्ट्रियों को पूरी तरह सील कर दिया गया है.
फैक्ट्रियों को संचालित करने वाले जाबिर और हामिद नाम के दो भाइयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. जांच में पता चला कि ये लोग सस्ते केमिकल और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल करके नकली पनीर तैयार करते थे, जिसे दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न बाजारों में बेचा जाता था. यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो मिलावट करके लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं.
खाद्य विभाग ने कहा कि ऐसे अवैध धंधों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली-एनसीआर के बाजार में पनीर खरीदने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे हमेशा पैकेट वाले और FSSAI लाइसेंस वाले ब्रांड ही खरीदें. बाजार में मिलने वाले ढीले पनीर को लेकर सतर्क रहें, क्योंकि इसमें मिलावट की आशंका ज्यादा रहती है.