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'गलती नहीं मानेंगे, बच्चों को मना लेंगे,' विकास दिव्यकीर्ति से जो नहीं उम्मीद थी, वही कर गए!

पुराने राजेंद्रनगर में IAS की कोचिंग कराने वाले Rau's के बेसमेंट में अचानक पानी भरा और 3 छात्रों की मौत हो गई. MCD ने कई कोचिंग संस्थाओं के बेसमेंट को सील कर दिया है. हादसे को लेकर मुखर्जीनगर में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. देश के सबसे चर्चित शिक्षकों में से एक विकास दिव्यकीर्ति हादसे के बाद भी छात्रों के साथ खड़े नजर नहीं आए. उनकी गैरमौजूदगी लोगों को खल रही है.

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विकास दिव्यकीर्ति, दृष्टि IAS के सर्वेसर्वा हैं. देश के सबसे चर्चित एजुकेटर्स में से एक का अगर नाम लिया जाए तो विकास दिव्यकीर्ति का नाम पहले नंबर आएगा. सोशल मीडिया पर उनके लाखों प्रशंसक हैं, छात्र उन्हें एक-टक सुनते हैं. वही छात्र, अपने पसंदीदा सर जी को बीते कई दिनों से खोज रहे हैं. पुराने राजेंद्र नगर के राउ कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बड़ा हादसा हुआ, अचानक पानी भरा और 3 छात्रों की डूबने से मौत हो गई. कोचिंग सेंटर, बेसमेंट में अवैध रूप से चलाए जाते हैं. छात्र, कई दिनों से पुराने राजेंद्र नगर और मुखर्जी नगर में धरना दे रहे हैं लेकिन उनके पसंदीदा 'सर' ऐसे लापता हैं कि उन्हें ढूंढना मुश्किल है. अब उन्होंने ANI को एक इंटरव्यू देकर ये बताया है कि छात्रों से वे कब मिलेंगे.

विकास दिव्यकीर्ति ने एक इंटरव्यू में बताया है कि आखिर वे छात्रों से मिले क्यों नहीं हैं. उन्होंने कहा है कि जब तक वे पूरे मामले को समझ नहीं लेते हैं, तब तक किसी मुद्दे पर वो बोलते नहीं हैं. सवाल ये उठ रहे हैं कि दुनियाभर के मुद्दों की समझ रखने वाले वाले विकास दिव्यकीर्ति को क्या ये नहीं पता है कि बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चलाना, सुरक्षा नियामकों का मजाक उड़ाना है. यह गैरकानूनी है. 

हादसे पर क्या है 'सर' की सफाई?

पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि सारे छात्रों का एक सवाल था कि विकास जी हमारे साथ एक बार ग्राउंड पर आएं तो सही, एक बार हमारी बात तो सुनें, वो आए ही नहीं हैं अब तक. वो टीचर जिसे हम इनता प्रेम करते थे, इतना सुनते थे, वो तीन दिन बाद स्टेटमेंट जारी कर रहा है, हमारे बीच नहीं आया है. इसके जवाब में विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि देरी के लिए हमने खेद जताया है.

'बच्चे मासूम होते हैं, मान जाएंगे'

पत्रकार सवाल करता है कि क्या आप छात्रों से मिलने जाएंगे, तो इसका जवाब विकास दिव्यकीर्ति हां में देते हैं. उन्होंने कहा, 'कोशिश करता हूं, मेरी ये हमेशा से आदत रही है कि चीजें स्पष्ट होने के बाद प्रतिक्रिया दूं. हड़बड़ी में न दूं. मैं थोड़ा वेट कर रहा था, मेरा ख्याल है कि पहले कर देना चाहिए था. दूसरा छात्रों से न मिलने की वजह ये थी कि जब आक्रोश बहुत ज्यादा हो तो आप अपनी बात ठीक से रख भी नहीं सकते. मेरा ख्याल ये है कि आज या कल में मैं बच्चों से मिलूंगा. मुझे उम्मीद है. बच्चे मन के बहुत कोमल होते हैं, जितनी जल्दी वे नाराज होते हैं, उतने जल्दी वे मान भी जाते हैं. मुझे पता है कि बच्चे नाराज क्यों हैं और वो दूर कैसे होगी.'

सब ठीक है, लेकिन गलती कब मानेंगे विकास दिव्यकीर्ति?

विकास दिव्यकीर्ति, का संस्थान दृष्टि IAS भी सवालों के घेरे में है. वहां भी बेसमेंट में क्लास चलती है, जिसे सील किया गया है. जब बेसमेंट में कोचिंग संस्थान चलाना प्रतिबंधित है तो दुनिया को एथिक्स पढ़ाने वाले विकास दिव्यकीर्ति, खुद क्यों नीतियों का पालन नहीं करते हैं. अगर राउ जैसा हादसा, दृष्टि आईएएस में होता तो वे क्या करते. सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं, 'गलती नहीं मानेंगे, छात्रों को मना लेंगे,' विकास दिव्यकीर्ति सर. उनके इंटरव्यू को लेकर छात्र बेहद आक्रोशित हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र, धरने पर हैं.