लद्दाख का सपना बन गया कब्रिस्तान! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर से 30 फीट नीचे गिरी फॉर्च्यूनर, 3 दोस्तों की दर्दनाक मौत

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह एक टोयोटा फॉर्च्यूनर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और फ्लाईओवर से 30 फीट नीचे गिर गई. हादसे में पुणे के तीन युवा दोस्तों की मौत हो गई. वे लद्दाख यात्रा से लौट रहे थे. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

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Kuldeep Sharma

पुणे के रहने वाले तीन युवा दोस्तों का सपना लद्दाख की खूबसूरत वादियों में पूरा तो हुआ, लेकिन घर लौटते वक्त मौत ने उन्हें घेर लिया. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे एक भयानक हादसा हुआ. टोयोटा फॉर्च्यूनर तेजी से चल रही थी, जो अचानक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और फ्लाईओवर से लगभग 30 फीट नीचे जा गिरी. कार में सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. वे 12 दोस्तों के ग्रुप का हिस्सा थे, जो 26 फरवरी को जम्मू और लद्दाख की सैर के लिए निकले थे. बाकी साथी दो दूसरी गाड़ियों में थे और हादसे के वक्त टोल प्लाजा पर रुके हुए थे.

यात्रा का प्लान और हादसा

गौरतलब है कि 12 दोस्तों का ग्रुप तीन गाड़ियों में लद्दाख गया था. एक साथी पहले लौट आया, दूसरा अलग रास्ते से घर चला गया. बाकी दस लोग तीन कारों में वापस पुणे की ओर बढ़ रहे थे. दौसा में में रात रुकने के बाद बुधवार सुबह यात्रा फिर शुरू हुई. टोयोटा फॉर्च्यूनर में सिद्धांत (21), कुणाल (25) और मयूरेश (23) सवार थे. पुलिस की प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया गया है कि चालक नींद में था, जिससे गाड़ी अनियंत्रित हो गई.

भीषण टक्कर और मौत

गाड़ी डिवाइडर से टकराकर फ्लाईओवर से नीचे गिरी. टक्कर इतनी जोरदार लगी कि फॉर्च्यूनर पूरी तरह से चकनाचूर हो गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की, मलबे से तीनों को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हादसे की खबर सुनकर बाकी साथी सदमे में आ गए. वे टोल प्लाजा पर रुके थे और कुछ ही देर में घटना की सूचना मिल गई.

परिवार को सौंपे शव

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद तीनों के शव परिजनों और दोस्तों को सौंप दिए गए. शवों को एम्बुलेंस से पुणे ले जाया जा रहा है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि हादसे के सभी सबूत जुटाए जा रहे हैं. सटीक कारण पता लगाने के लिए जांच जारी है. स्थानीय लोग इस हादसे से गहरे सदमे में हैं.

दोस्तों का दर्द और सवाल

यह हादसा उन परिवारों के लिए बहुत बड़ा झटका है, जिन्होंने अपने बच्चों को खुशी-खुशी लद्दाख भेजा था. अब वे सिर्फ यादों और दर्द के साथ अकेले रह गए हैं. पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आए. ऐसे हादसे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.