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₹10 के फटे नोट पर विवाद, डिलीवरी बॉय की मौत से मचा हड़कंप! मरने से पहले वीडियो में बयां किया दर्द

दिल्ली में 10 रुपये के फटे नोट को लेकर एक बड़ा विवाद हो गया है. यहां पर डिलीवरी बॉय की मौत का मामला सामने आया है. फ्लिपकार्ट मिनट्स में काम करने वाले 23 वर्ष के समीर हुसैन की इलाज के दौरान 20 अक्टूबर को मौत हो गई.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: दिल्ली में 10 रुपये के फटे नोट को लेकर एक बड़ा विवाद हो गया है. यहां पर डिलीवरी बॉय की मौत का मामला सामने आया है. फ्लिपकार्ट मिनट्स में काम करने वाले 23 वर्ष के समीर हुसैन की इलाज के दौरान 20 अक्टूबर को मौत हो गई. समीर ने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने अपनी आपबीती बताई थी. समीर के साथ क्या हुआ था, जिसने उसे आत्महत्या करने पर मजबूर किया, चलिए जानते हैं. 

कॉफी पहुंचाने गया था समीर:

बता दें कि यह घटना 4 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे की है. यह मामला पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके का है, जहां पर समीर एक ग्राहक रामपाल सिंह के घर कॉफी पहुंचाने गया था. यह ऑर्डर 150 रुपये का था. समीर के मुताबिक, ग्राहक को पैसे जुटाने में लगभग 15 मिनट लगे. उसे इस बात से कोई दिक्कत नहीं थी कि ग्राहक ने पैसे देने में देरी की, लेकिन उसने ग्राहक को 10 रुपये का फटा नोट बदलने के लिए कहा.

समीर ने अपने वीडियो में बताया कि उसने ग्राहक से विनम्रता से नोट बदलने की अपील की थी. उसने आरोप लगाया था कि इस बात पर ग्राहक ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और उसे तीन बार थप्पड़ मारे.


वीडियो में बयां किया अपना दर्द:

ये सब होने के बाद समीर ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया. इसमें उसने बताया कि वह मेहनत करके पैसे कमाना चाहता था और अपने पिता से आर्थिक मदद नहीं लेता था. समीर साइकिल से डिलीवरी करता था और उसे अपनी मेहनत की कमाई पर गर्व था. वीडियो में उसने सवाल उठाया कि क्या गरीब होना गाली खाने की वजह बन सकता है. उसने यह भी कहा कि उसे डर है कि पैसे और प्रभाव की कमी के कारण उसे न्याय नहीं मिलेगा.

समीर ने एक अन्य वीडियो में ग्राहक और उसके पोते राकेश पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया. उसने दावा किया कि घटना के बाद ग्राहक की पत्नी ने माफी मांगने के लिए कहा था, लेकिन इससे उसे हुए अपमान का दर्द कम नहीं हुआ.

अस्पताल में हुई मौत, मां ने लगाए आरोप:

समीर ने 5 अक्टूबर को कथित तौर पर जहर पी लिया था. इसके बाद उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 20 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई. वह जल्द ही 24 साल का होने वाला था. समीर की मां कलीमा ने आरोप लगाया कि आरोपी के राजनीतिक संबंध हैं और उसे अपने प्रभाव के कारण बच निकलने का भरोसा था. उन्होंने कहा कि उनके बेटे की गरीबी का मजाक उड़ाया गया.

पुलिस कर रही मामले की जांच:

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, जो आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है, मामले में जोड़ दी है. पुलिस उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनके कारण समीर की मौत हुई. आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.