Freedom Fighters Independence Day 2026

घाट पर अचानक पहुंचा मगरमच्छ, अफरातफरी के बीच पुजारी ने नदी के इस मेहमान की कर दी पूजा; वीडियो वायरल

तेलंगाना के बीचुपल्ली में कृष्णा नदी के पुष्कर घाट पर मगरमच्छ के पहुंचने से भक्तों और सैलानियों में हड़कंप मच गया. इसी दौरान मंदिर के पुजारी ने मगरमच्छ के सामने बैठकर मंत्रोच्चार किया और उसकी पूजा की. बाद में वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित रूप से नदी में छोड़ दिया.

X (@arunsandilya)
Shanu Sharma

तेलंगाना के बीचुपल्ली स्थित कृष्णा नदी के पुष्कर घाट पर रविवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक मगरमच्छ अचानक नदी से निकलकर घाट की ओर बढ़ता दिखाई दिया. छुट्टियों के चलते अंजनेय स्वामी मंदिर और नदी किनारे बड़ी संख्या में भक्त और सैलानी मौजूद थे. ऐसे में मगरमच्छ को भीड़ की तरफ आते देख लोग घबरा गए और वहां से दूर जाने लगे.

बताया गया कि घाट के पास पहुंचने के बाद मगरमच्छ एक नजदीकी इमारत में घुस गया. इससे लोगों की चिंता और बढ़ गई. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई.

पुजारी ने मगरमच्छ के सामने शुरू कर दी पूजा

इस घटना के बीच मंदिर के पुजारी अनिल शर्मा का एक अलग ही रूप देखने को मिला. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुजारी मगरमच्छ के सामने बैठकर मंत्रों का जाप करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने मगरमच्छ का अभिषेक किया और पूजा-पाठ भी किया. उनका कहना था कि मगरमच्छ का धार्मिक महत्व है. अनिल शर्मा ने बताया कि मगरमच्छ को वर्षा के देवता भगवान वरुण का वाहन माना जाता है. उन्होंने कहा कि पूजा का उद्देश्य अच्छी बारिश और क्षेत्र में समृद्धि की कामना करना था.


बारिश के बाद बढ़ी मगरमच्छों की आवाजाही

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब हाल की बारिश के बाद कृष्णा नदी में मगरमच्छों की गतिविधि बढ़ने की सूचना सामने आई थी. पुलिस ने पहले ही नदी के आसपास आने वाले भक्तों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी थी. बीचुपल्ली का पुष्कर घाट धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है.

छुट्टियों में यहां लोगों की संख्या बढ़ जाती है. ऐसे में नदी के किनारे मगरमच्छ का पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन गया. घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. स्थानीय मछुआरों की मदद से कर्मचारियों ने मगरमच्छ को घेरकर पकड़ लिया. उसे रस्सियों की मदद से काबू में किया गया और बाद में सुरक्षित रूप से कृष्णा नदी में वापस छोड़ दिया गया. अधिकारियों की कार्रवाई के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली.