कैंसर का पता चलते ही अंटार्कटिका पहुंचीं 67 साल की महिला, लौटने पर हुआ चमत्कार

कैंसर का पता चलने के बाद 67 वर्षीय वांग यिंग ने अंटार्कटिका जाकर पेंगुइन की तस्वीरें खींचने का सपना पूरा किया. लौटने पर जांच में उनका ट्यूमर छोटा मिला.

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Sagar Bhardwaj

चीन की 67 वर्षीय वांग यिंग की कहानी इन दिनों चर्चा में है. थायरॉइड कैंसर का पता चलने के बाद उन्होंने अपनी बचत अंटार्कटिका की यात्रा पर खर्च कर दी. उनका सपना पेंगुइन की तस्वीरें खींचना था. यात्रा से लौटने के बाद अस्पताल में जांच कराई तो डॉक्टरों ने बताया कि उनका ट्यूमर पहले के मुकाबले छोटा हो गया है.

1,200 से ज्यादा पक्षियों की तस्वीरें खींचीं

वांग चीन के युन्नान प्रांत की राजधानी कुनमिंग की रहने वाली हैं. वह पेशे से स्कूल में प्रशासनिक अधिकारी थीं और वन्यजीव फोटोग्राफी का शौक रखती हैं. वर्षों के दौरान वह पक्षियों की 1,200 से अधिक प्रजातियों की तस्वीरें खींच चुकी हैं. साल 2013 में सेवानिवृत्ति की तैयारी के दौरान उन्हें थायरॉइड कैंसर होने का पता चला. डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी थी.

सपने के लिए खर्च कर दी पूरी बचत

बीमारी की खबर से वांग को गहरा झटका लगा. उन्होंने इलाज से पहले अंटार्कटिका जाकर पेंगुइन की तस्वीरें खींचने का फैसला किया. करीब एक महीने की इस यात्रा पर 1.5 लाख चीनी युआन (लगभग 22,000 डॉलर) खर्च हुए. यह रकम उनकी बचत से अधिक थी, इसलिए उनकी मां ने बाकी खर्च उठाने में मदद की.


बर्फीले मौसम में किया मनचाही तस्वीर का इंतजार

अंटार्कटिका में वांग एक खास तस्वीर लेना चाहती थीं, जिसमें मां पेंगुइन अपने बच्चे को खाना खिला रही हो. माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तापमान, तेज हवाओं और बर्फबारी के बावजूद वह बाहर इंतजार करती रहीं. आखिरकार उन्हें मां पेंगुइन और उसके बच्चे की मनचाही तस्वीर मिल गई.

जांच में छोटा मिला ट्यूमर

यात्रा से लौटने के लगभग एक महीने बाद अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनका ट्यूमर पहले की तुलना में सिकुड़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने फिलहाल सर्जरी टालने की बात कही, लेकिन नियमित जांच और निगरानी जारी रखने की सलाह दी. हालांकि, ट्यूमर के सिकुड़ने का कारण स्पष्ट नहीं है. इसे यात्रा या सकारात्मक सोच का परिणाम मानने का कोई प्रमाण नहीं दिया गया है.

अब भी जारी है फोटोग्राफी का जुनून

इस अनुभव के बाद वांग ने फोटोग्राफी जारी रखी. वह 30 से अधिक देशों की यात्रा कर चुकी हैं और अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा कैमरे तथा दूसरे उपकरणों पर खर्च कर चुकी हैं. उनकी कहानी चीनी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. वह मानती हैं कि यात्रा और नई जगहों को देखने से जीवन के प्रति उनका नजरिया बदला है.