बेंगलुरु की एक महिला की अरेंज्ड मैरिज के लिए हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई. नंदिनी एम नाम की महिला ने बताया कि उनकी मां ने कुछ महीने पहले उन्हें एक युवक से मिलने के लिए राजी किया था. बातचीत के दौरान शादी, नौकरी और आर्थिक स्वतंत्रता को लेकर ऐसी चर्चा हुई कि उन्होंने रिश्ता आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया.
नंदिनी के मुताबिक, युवक की मासिक आय करीब 2 लाख रुपए थी, जबकि वह खुद आईटी सेक्टर में काम करती हैं और लगभग 90 हजार रुपए महीना कमाती हैं. युवक अपने माता-पिता के साथ रहता था और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां भी उसके ऊपर थीं. नंदिनी ने बताया कि वह अकेले रहती हैं और उनकी अपनी कोई बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी नहीं है.
बातचीत के दौरान युवक ने कथित तौर पर नंदिनी से पूछा कि अगर वह खुद को फेमिनिस्ट मानती हैं तो शादी के बाद परिवार के खर्च में 50 प्रतिशत योगदान देंगी या नहीं. नंदिनी ने इस पर सहमति जताई. इसके बाद युवक ने उनसे नौकरी छोड़कर गृहिणी बनने की संभावना पूछी. नंदिनी ने साफ कर दिया कि वह अपनी नौकरी नहीं छोड़ना चाहतीं.
Few months back my mother emotionally blackmailed me into meeting a guy who earns more than twice my salary.
— Nandini M (@your_niaaaa) August 14, 2026
He earns ₹2 lakh a month. I work in IT and earn ₹90K.
He lives with his parents, who depend on him financially. His married sister is a homemaker and apparently also…
नंदिनी के अनुसार, बातचीत यहीं नहीं रुकी. युवक ने उनसे पूछा कि आखिर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहने की जरूरत क्यों है. नंदिनी ने कहा कि उन्हें यह सवाल व्यक्तिगत रूप से बुरा नहीं लगा, लेकिन उन्होंने जवाब में युवक से पूछा कि अगर उसे आर्थिक रूप से निर्भर पत्नी चाहिए तो वह ऐसी महिला से शादी क्यों नहीं करता, जो खुद गृहिणी बनना चाहती हो.
नंदिनी ने बताया कि इस बातचीत के दौरान वह फ्रेंच फ्राइज खा रही थीं. जब युवक ने उनसे पूछा कि क्या वह उसका रिश्ता ठुकरा रही हैं, तो उन्होंने हां में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वह अपनी स्वतंत्रता और अपने विचारों के साथ सहज हैं. इसके बाद उन्होंने अपना हिस्सा बिल में दिया और वहां से चली गईं.
नंदिनी के इस फैसले से उनकी मां नाराज हो गईं. उन्होंने बताया कि उनकी मां ने करीब दो सप्ताह तक उनसे बात नहीं की. हालांकि, बाद में दोनों के बीच सुलह हो गई और अब रिश्ते सामान्य हैं. नंदिनी का कहना है कि शादी उनके लिए कभी प्राथमिकता नहीं रही, लेकिन परिवार के कहने पर उन्होंने मुलाकात के लिए हामी भरी थी.
नंदिनी की पोस्ट सामने आने के बाद कई यूजर्स ने उनके फैसले का समर्थन किया. कुछ लोगों ने कहा कि शादी से पहले दोनों पक्षों को करियर, आर्थिक जिम्मेदारियों और भविष्य की अपेक्षाओं को लेकर स्पष्ट बातचीत करनी चाहिए. कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि अगर कोई व्यक्ति गृहिणी साथी चाहता है तो उसे ऐसी महिला की तलाश करनी चाहिए, जो खुद इस भूमिका को चुनना चाहती हो.
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर शादी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है. नंदिनी का अनुभव बताता है कि विवाह से पहले करियर, पैसे और घरेलू भूमिकाओं को लेकर दोनों पक्षों की सोच स्पष्ट होना जरूरी है. आखिरकार, रिश्ता तभी टिकाऊ हो सकता है जब दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की प्राथमिकताओं और जीवनशैली का सम्मान करने के लिए तैयार हों.