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क्या 1 मई से लागू होगा GNSS बेस्ड टोल सिस्टम? जानें क्या है सरकार का कहना

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ) व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले FASTag सिस्टम से दूर जाने की तैयारी कर रहा है और एडवांस्ड सैटेलाइट-बैकेद मॉडल को अपनाएगा जो वाहन द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर टोल की गणना करता है.

Princy Sharma

New GPS Toll System: कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा GPS बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू किए जाने से सड़कों पर यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा. इस संबंध में, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ) व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले FASTag सिस्टम से दूर जाने की तैयारी कर रहा है और एडवांस्ड सैटेलाइट-बैकेद मॉडल को अपनाएगा जो वाहन द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर टोल की गणना करता है.

ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) के नाम से जाना जाने वाला नया टोल कलेक्शन सिस्टम जल्द ही FASTags की जगह लेगा, जो 2016 से इस्तेमाल में है. FASTags ने टोल लेन-देन को गति दी है, लेकिन टोल प्लाजा पर तकनीकी गड़बड़ियों के कारण देरी हुई और लंबी कतारें लगीं