Jensen Huang ने कैसे बना डाली दुनिया की सबसे कीमती कंपनी Nvidia, जान लीजिए कैसे किया कमाल
NVIDIA के दमदार ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) ने उसकी प्रगति में बड़ी भूमिका निभाई है. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) में इस्तेमाल हो रहे ज्यादातर ग्राफिक्स कार्ड इसी कंपनी के ही हैं. यह कंपनी एडवांस लेवल के ग्राफिक्स कार्ड बनाती है. दुनिया में इस्तेमाल हो रहे 88% जीपीयू इसी कंपनी के है. एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट को पछाड़ते हुए यह कंपनी बाजार पूंजीकरण के मामले में दुनिया की नंबर-1 कंपनी बन गई है.
Nvidia Success Story: जब हम टेक जगत की दिग्गज कंपनियों की बात करते हैं तो हमारी जुबान पर गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ऐप्पल जैसी कंपनियों का नाम आता है लेकिन अब इस कड़ी में एक और कंपनी का नाम जुड़ गया है. यही नहीं यह कंपनी गूगल और माक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है. इस कंपनी का नाम है Nvidia और Nvidia को इस मुकाम तक पहुंचाने वाले शख्स का नाम है Jensen Huang.
फर्श से अर्श तक का सफर
Nvidia आज भले ही दुनिया की नंबर एक कंपनी बन गई हो लेकिन इसे बनाने वाले जेन्सेन हुआंग के लिए यह सफर इतना आसान नहीं रहा. एक दौर था जब हुआंग को अपनी आजीविका के लिए एक रेस्टोरेंट में वेटर के तौर पर भी काम करना पड़ा था.
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गजों से मिली कड़ी चुनौती
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1963 में ताइवान में जन्मे जेनसेन ने क्रिस मैलाचोव्स्की और कर्टिस प्रीम के साथ 1993 में बेहद छोटी पूंजी के साथ Nvidia की स्थापना की थी. शुरुआत में एनवीडिया को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी टेक दिग्गज कंपनी से भारी चुनौती का सामना करना पड़ा. तकनीकी क्षेत्र के एक्सपर्ट्स ने यहां तक भविष्यवाणी कर दी थी कि इस क्षेत्र की बड़ी मछलियां इसे जल्द अपना शिकार बना लेंगीं लेकिन हुआंग डटे रहे और अपनी रणनीति पर काम करते रहे और आज नतीजा हमारे सामने है. Nvidia का मार्केट कैप हाल ही में 1.83 ट्रिलियन डॉलर यानी 15,100000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.
क्या करती है कंपनी
यह कंपनी कम्प्यूटर्स के लिए हाई परफॉर्मेंस ग्राफिक कार्ड बनाती है. आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस ने Nvidia को फर्श से अर्श तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका अदा की है. दुनिया के ज्यादातर सुपरकम्प्यूटर्स और एआई तकनीक में Nvidia के ही ग्राफिक कार्ड्स का इस्तेमाल होता है.
मार्केट में पहले से ऐसी बहुत सी कंपनियां हैं जो ग्राफिक्स कार्ड बनाने का काम कर रही हैं लेकिन Nvidia के ग्राफिक्स कार्ड की परफॉर्मेंस उनके कार्ड्स से कई गुना बेहतर है. यही वजह है कि हर कोई Nvidia के ग्राफिक्स कार्ड को खरीदने में लगा हुआ है.
88 प्रतिशत ग्राफिक्स कार्ड एनवीडिया के
दुनिया में इस्तेमाल होने वाले लगभग 88 प्रतिशत ग्राफिक्स कार्ड केवल एनवीडिया के ही हैं. OpenAI के चैटबॉट और वर्चुअल असिस्टेंट चैटजीपीटी ने एनवीडिया को दुनिया की नंबर-1 कंपनी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. ओपेनएआई को ऑपरेट करने के लिए सुपरकम्प्यूटर में जो 10,000 ग्राफिक कार्ड्स लगाए गए हैं वे सभी एनवीडिया के ही हैं और प्रत्येक ग्राफिक कार्ड की कीमत 10,000 डॉलर के करीब है.
एनवीडिया का RTX 4090 सबसे अच्छा ग्राफिक्स कार्ड माना जाता है. आने वाला युग AI का ही होने वाला है है. जैसे-जैसे एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा एनवीडिया के ग्राफिक कार्ड की डिमांड में भी बढ़ोत्तरी होगी जिससे इस कंपनी के कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है.