menu-icon
India Daily

रिटायरमेंट बचत के साथ इलाज की चिंता भी खत्म? NPS Swasthya में मिल सकती है मेडिकल मदद

NPS Swasthya योजना के दूसरे परीक्षण चरण में पेंशन बचत को स्वास्थ्य खर्च से जोड़ा गया है. 25,000 रुपये से शुरुआत करने वाले पात्र सदस्य तय नियमों के तहत इलाज के लिए धन इस्तेमाल कर सकेंगे.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
रिटायरमेंट बचत के साथ इलाज की चिंता भी खत्म? NPS Swasthya में मिल सकती है मेडिकल मदद
Courtesy: Pinterest

नेशनल पेंशन सिस्टम से जुड़े लोगों के लिए स्वास्थ्य खर्च को लेकर एक नई सुविधा का परीक्षण चल रहा है. पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने अप्रैल 2026 में NPS Swasthya का दूसरा प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट शुरू किया. इसका उद्देश्य पेंशन व्यवस्था के भीतर चिकित्सा जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता की संभावना को परखना है. यह योजना अभी सीमित और नियंत्रित परीक्षण के रूप में चल रही है, इसलिए इसके नियमों को समझना जरूरी है.

25 हजार रुपये से शुरू होगा खाता

NPS Swasthya के दूसरे टेस्टिंग फेज में शामिल होने के लिए न्यूनतम शुरुआती योगदान 25,000 रुपये तय किया गया है. स्वास्थ्य बीमा इस व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा है और उसका प्रीमियम NPS Swasthya खाते से आंशिक निकासी के रूप में काटा जाएगा. बीमा के कवरेज, अपवाद और दावा प्रक्रिया संबंधित बीमा कंपनी के नियमों के अनुसार होंगे.

इलाज के लिए धन निकालने की सुविधा

योजना का उद्देश्य बाह्य और अस्पताल में भर्ती होने वाले उपचार जैसे चिकित्सा खर्चों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. सामान्य स्थिति में पात्र निकासी सीमा के भीतर रकम का इस्तेमाल किया जा सकता है. गंभीर स्थिति में, यदि एक बार के अस्पताल खर्च के लिए पात्र आंशिक निकासी पर्याप्त नहीं है, तो पूरी जमा राशि एकमुश्त निकालने की अनुमति दी जा सकती है.

पैसा सीधे अस्पताल से जुड़े संस्थान को

गंभीर चिकित्सा खर्च की स्थिति में पूरी राशि निकालने की अनुमति मिलने पर भुगतान सीधे स्वास्थ्य लाभ प्रशासक, तीसरे पक्ष के प्रशासक या संबंधित स्वास्थ्य तकनीक कंपनी को किया जा सकता है. यह भुगतान वैध दावे और संबंधित बिल के आधार पर होगा. इलाज का खर्च चुकाने के बाद अगर कुछ राशि बचती है, तो उसे वापस सामान्य योजना खाते में भेजने का प्रावधान है.

अभी परीक्षण के दौर में है योजना

NPS Swasthya को फिलहाल स्थायी और सामान्य NPS सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि नियामकीय परीक्षण के तहत सीमित अवधि के लिए चलाया जा रहा है. पहले चरण के अनुभव के बाद दूसरे चरण में कुछ नियमों और सुविधाओं में बदलाव किए गए हैं. इसका उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में योजना की उपयोगिता और संचालन व्यवस्था को परखना है. इसलिए सदस्यता या लाभ से पहले लागू शर्तों और बीमा नियमों को देखना जरूरी है.