LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव नहीं, फिर भी यहां 600 रुपये तक सस्ता मिल रहा गैस सिलेंडर? जानिए अफवाह है या सच
एलपीजी सिलेंडर की सरकारी कीमतों में 22 सितंबर को कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जैसे ग्रामीण इलाकों में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर तय कीमत से 200 से 600 रुपये तक कम में मिल रहा है.
LPG Cylinder Price: एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 22 सितंबर को कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये और 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर का दाम 2,747.50 रुपये है. लेकिन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के ग्रामीण और छोटे कस्बाई इलाकों में तस्वीर अलग दिखाई दे रही है. यहां कमर्शियल सिलेंडर तय कीमत से काफी कम दाम पर मिलने की बात सामने आई है.
कुशीनगर में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,946 रुपये और 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर की कीमत 1,014 रुपये बताई गई है. इसके बावजूद कमर्शियल सिलेंडर करीब 2,400 से 2,700 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है. यानी कुछ जगहों पर ग्राहकों को 200 से 600 रुपये तक की राहत मिल रही है. घरेलू सिलेंडर की कीमत में ऐसी छूट की गुंजाइश नहीं बताई गई है.
कमर्शियल सिलेंडर की कम खपत बनी वजह
एक गैस एजेंसी संचालक के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की मांग काफी कम है. एजेंसी पर आने वाली गैस की गाड़ी में कमर्शियल सिलेंडर भी होते हैं और वापसी के समय खाली सिलेंडर देना जरूरी होता है. यदि खाली सिलेंडर उपलब्ध नहीं होते तो सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से कम मांग वाले कमर्शियल सिलेंडरों को कम कीमत पर निकालने की कोशिश की जाती है.
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दुकानदार भी घरेलू सिलेंडर का करते हैं इस्तेमाल
एजेंसी संचालक के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के बीच कमर्शियल सिलेंडर की मांग सीमित है. कई छोटे कारोबारी किसी अन्य तरीके से घरेलू सिलेंडर का इंतजाम कर लेते हैं. ऐसे में एजेंसियों के पास कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक बच सकता है. सप्लाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ एजेंसियां इन्हें कम दाम पर बेच देती हैं. हालांकि, घरेलू सिलेंडर के लिए निर्धारित कीमत में ऐसी छूट नहीं होती.
ग्रामीण इलाकों में बुकिंग का इंतजार घटा
एलपीजी बुकिंग को लेकर भी हाल में बदलाव किया गया है. पहले शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिन, जबकि ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का अंतराल था. अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह अवधि घटाकर 25 दिन कर दी गई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इसे लागू किया है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी आपूर्ति में सुधार और बैकलॉग घटने के बाद यह बदलाव किया गया है.