LPG कनेक्शन से धो बैठेंगे हाथ, आपने अभी तक नहीं किया ये काम? सरकार के नए नियम से अंजान हैं तो जान लें

सरकार ने LPG कनेक्शन को लेकर नए सख्त नियम लागू कर दिए हैं. 1 मई से ई-केवाईसी अनिवार्य हो गया है. अगर घर में PNG पाइपलाइन कनेक्शन है तो LPG सिलेंडर सरेंडर करना पड़ेगा, वरना सप्लाई बंद.

ANI
Reepu Kumari

नई दिल्ली: देशभर में लाखों LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 मई से नई चिंता शुरू हो गई है. सरकार ने एलपीजी वितरण और बुकिंग के नियमों को और सख्त कर दिया है. मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति में आई दिक्कत और घरेलू स्तर पर सब्सिडी वाले सिलेंडरों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है. अब बिना पूरा वेरिफिकेशन के सिलेंडर रिफिल कराना मुश्किल हो जाएगा.

नए दिशानिर्देश

तेल कंपनियों के नए दिशानिर्देशों के मुताबिक डबल कनेक्शन वाले परिवारों को फैसला लेना होगा. जो लोग PNG पाइपलाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें LPG सिलेंडर सरेंडर करना पड़ेगा. साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा न करने वालों को डिलीवरी रोकी जा सकती है. ये बदलाव न सिर्फ संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए हैं बल्कि व्यावसायिक हेराफेरी रोकने के भी मकसद से किए गए हैं.

ई-केवाईसी अब अनिवार्य, देर न करें

अगर आपके पास LPG कनेक्शन है तो तुरंत आधार से ई-केवाईसी पूरा कर लें. जिनका वेरिफिकेशन अधूरा है, उन्हें नया सिलेंडर नहीं मिलेगा. पहले ही अथेंटिकेशन करा चुके उपभोक्ताओं को दोबारा प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी. कई इलाकों में OTP आधारित डिलीवरी भी शुरू हो गई है, जिसमें रजिस्टर्ड मोबाइल पर कोड आएगा और वेरिफाई करने के बाद ही सिलेंडर मिलेगा.

PNG कनेक्शन वाले घरों पर सख्ती

जिन परिवारों के घर में या आसपास PNG पाइपलाइन कनेक्शन है, उन्हें LPG सिलेंडर सरेंडर करना होगा. दोनों कनेक्शन रखने वालों को अब सब्सिडी वाला LPG रिफिल या नया कनेक्शन नहीं मिल सकेगा. तेल कंपनियां LPG और PNG डेटाबेस को क्रॉस चेक कर रही हैं. नियमों का पालन न करने पर गैस सप्लाई पूरी तरह बंद की जा सकती है.

जून 2025 से पहले रिफिल कराने वालों को सावधानी

जिन उपभोक्ताओं ने जून 2025 से पहले आखिरी रिफिल कराया था, उन्हें निष्क्रिय उपयोगकर्ता माना जा सकता है. ऐसे लोगों को ई-केवाईसी पूरा किए बिना नया सिलेंडर बुक नहीं मिलेगा. पुराने या अधूरे KYC रिकॉर्ड वाले परिवारों को जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए, वरना सब्सिडी वाले सिलेंडरों तक पहुंच बंद हो सकती है.

डुप्लिकेट कनेक्शन पर लगाम

सरकार का फोकस डुप्लिकेट और निष्क्रिय कनेक्शनों को खत्म करने पर है. PNG वाले क्षेत्रों में LPG कनेक्शन रखने वाले कई उपभोक्ता अब योग्यता खो सकते हैं. तेल कंपनियां बुकिंग के बीच न्यूनतम समय अंतर भी बढ़ा रही हैं ताकि जमाखोरी रुके. इससे सही जरूरतमंदों को सब्सिडी मिल सकेगी.

अब क्या करें-तुरंत ये कदम उठाएं

अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर आधार ई-केवाईसी पूरा करें. मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट को आधार से लिंक चेक करें. अगर क्षेत्र में PNG उपलब्ध है तो LPG कनेक्शन सरेंडर करने पर विचार करें. इनएक्टिव कनेक्शन बंद करवाएं ताकि कोई परेशानी न हो. समय रहते ये काम निपटा लें तो सब्सिडी और सप्लाई दोनों सुरक्षित रहेंगी.