गर्मी में AC खरीदने से पहले पढ़ लें इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर में बड़ा फर्क, कौन सा बचाएगा आपका पैसा?
इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी के बीच मुख्य अंतर उनके कंप्रेसर की स्पीड में है. इन्वर्टर एसी वेरिएबल स्पीड पर चलता है, जिससे बिजली की बचत 30-50% तक होती है.
नई दिल्ली: अप्रैल चढ़ते ही तेज गर्मी जलाने को तैयार है. गर्मी बढ़ते ही एसी खरीदने की होड़ शुरू हो जाती है. लेकिन कन्फ्यूजन भी उतना ही है कौन सा एसी खरीदें इन्वर्टर लें या नॉन-इन्वर्टर? दोनों के काम करने का तरीका पूरी तरह अलग है, जो आपके बिजली बिल और कम्फर्ट पर सीधा असर डालता है. फिर एसी में मजा तो बहुत आता है लेकिन बिजली का बिल फिर परेशना भी करता है. जानकारों के मुताबिक सही चुनाव से न सिर्फ पैसे बचते हैं बल्कि आराम भी बढ़ जाता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं दोनों के बीच अंतर और आपके लिए कौन सा बेहतर रहेगा.
कैसे काम करता है दोनों एसी
इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर की स्पीड कमरे के तापमान के हिसाब से अपने आप घटती-बढ़ती रहती है. यह बार-बार बंद नहीं होता, बल्कि कम स्पीड पर चलता रहता है. वहीं नॉन-इन्वर्टर एसी का कंप्रेसर या तो फुल स्पीड पर चलता है या पूरी तरह बंद हो जाता है.
बिजली बचत में कौन आगे
इन्वर्टर एसी 30 से 50 प्रतिशत तक बिजली बचाता है. अगर आप दिन में 6-8 घंटे या उससे ज्यादा एसी चलाते हैं तो लंबे समय में यह काफी सस्ता पड़ता है. नॉन-इन्वर्टर शुरुआत में सस्ता होता है लेकिन महीने का बिल ज्यादा आता है.
Also Read
आराम और शोर का अंतर
इन्वर्टर एसी तापमान को स्थिर रखता है, कमरे में बार-बार गर्म-सर्द होने का अहसास नहीं होता. साथ ही यह बहुत कम आवाज करता है. नॉन-इन्वर्टर में जब कंप्रेसर चालू-बंद होता है तो शोर ज्यादा होता है और तापमान में उतार-चढ़ाव महसूस होता है.
कीमत, रखरखाव और उम्र
इन्वर्टर एसी की शुरुआती कीमत ज्यादा होती है लेकिन मरम्मत महंगी पड़ सकती है. नॉन-इन्वर्टर सस्ता पड़ता है और सर्विसिंग आसान है. लंबे समय तक इस्तेमाल करने वालों के लिए इन्वर्टर की उम्र ज्यादा होती है क्योंकि कंप्रेसर पर कम दबाव पड़ता है.
आपके लिए कौन सा है बेस्ट
अगर आप एसी को लंबे समय तक चलाते हैं, बिजली बचाना चाहते हैं और शांत आराम पसंद करते हैं तो इन्वर्टर एसी चुनें. कम बजट है या कभी-कभी इस्तेमाल करना है तो नॉन-इन्वर्टर भी ठीक रहेगा. अपनी जरूरत और बिजली बिल को ध्यान में रखकर फैसला करें.