नई दिल्ली: होली की खुशियां अभी दूर हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्रों की पढ़ाई में आर्थिक मदद बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है. कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले पिछड़े वर्ग के बच्चों को अब ज्यादा राशि मिलेगी, ताकि वे बिना चिंता के पढ़ाई पर फोकस कर सकें. यह कदम गरीब परिवारों के लिए राहत लेकर आया है. पहले जहां राशि कम थी, अब इसे एससी छात्रों के बराबर कर दिया गया है. इससे योजना का दायरा बढ़ेगा और ज्यादा बच्चे लाभान्वित होंगे.
पहले कक्षा 9 और 10 के ओबीसी छात्रों को सालाना 2250 रुपये छात्रवृत्ति मिलती थी. अब इसे बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है, यानी 750 रुपये की सीधी बढ़ोतरी. पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लिया गया है. अब ओबीसी छात्र एससी श्रेणी के बच्चों जितनी ही राशि पाएंगे, जिससे समानता की भावना मजबूत होगी. यह बदलाव 2026-27 सत्र से लागू होगा.
सरकार ने अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया है. इस फैसले से उन परिवारों के बच्चे भी योजना में शामिल हो सकेंगे, जिनकी आय पहले सीमा से थोड़ी ज्यादा थी. नतीजा यह होगा कि प्रदेश के करीब 38 लाख छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा. पहले यह संख्या कम थी, लेकिन अब दायरा बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग के ज्यादा बच्चे पढ़ाई जारी रख पाएंगे.
इस फैसले में दिव्यांग छात्रों को भी विशेष ध्यान दिया गया है. उन्हें अब 1500 रुपये का अतिरिक्त भत्ता मिलेगा. यह राशि उनकी विशेष जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी. सरकार का मकसद है कि कोई भी बच्चा आर्थिक वजह से पढ़ाई छोड़े नहीं. पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग इस योजना को और मजबूत बनाने पर काम कर रहा है.
यूपी में छात्रवृत्ति की राशि अब पहले की तरह मार्च में नहीं, बल्कि 25 सितंबर से ट्रांसफर होना शुरू हो गई है. डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के जरिए पैसे सीधे छात्रों के खाते में आते हैं. अब तक करीब 20 लाख छात्रों को लाभ मिल चुका है. नई बढ़ोतरी के साथ यह संख्या और बढ़ेगी. छात्रों को आवेदन सही तरीके से करना होगा ताकि राशि समय पर मिल सके.
योगी सरकार की यह पहल दिखाती है कि शिक्षा को सब तक पहुंचाना कितना जरूरी है. बढ़ती छात्रवृत्ति और आय सीमा से गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा. होली के मौके पर मिली यह सौगात छात्रों और अभिभावकों के लिए खुशी का मौका है. उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इसका फायदा उठाएंगे और पढ़ाई में आगे बढ़ेंगे.