आज के समय में लोग आमतौर पर अपने फाइनेंस को मैनेज करने के लिए एक से ज्यादा बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई बार नौकरी बदलने या फिर शहर बदलने के कारण पुराना खाता लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होता है और धीरे-धीरे आप उस खाते को भूल जाते हैं.
ऐसे में कई बार लोग अपने उस खाते में छोटी-मोटी रकम भी भूल जाते हैं. जब बहुत समय तक अकाउंट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो उसमे मौजूद पैसों को अनक्लेम्ड यानी लावारिस जमा की श्रेणी में डाल दी जाती है. लेकिन आज हम आपको एक खास तरीका बताएंगे.
ऐसी अनक्लेम्ड जमा राशि का पता लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने उद्गम पोर्टल शुरू किया है. उद्गम का पूरा नाम अनक्लेम्ड डिपॉजिट-गेटवे टू एक्सेस इंफॉर्मेशन है. यह एक ऑनलाइन सुविधा है, जिसके जरिए व्यक्ति अलग-अलग बैंकों में अपने नाम से मौजूद लावारिस जमा राशि की जानकारी एक जगह पर खोज सकता है. हालांकि, यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि उद्गम पोर्टल केवल अनक्लेम्ड रकम की जानकारी उपलब्ध कराता है. इसके जरिए पैसा सीधे आपके खाते में ट्रांसफर नहीं होता.
सबसे पहले उद्गम पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर की मदद से पंजीकरण करना होगा. इसके बाद लॉग इन करके मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी. इसमें नाम, जन्मतिथि और बैंक से जुड़ी अन्य जानकारी शामिल हो सकती है. पहचान के लिए पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य जरूरी जानकारी भी मांगी जा सकती है. जानकारी दर्ज करने के बाद पोर्टल संबंधित बैंकों में आपके नाम से जुड़ी अनक्लेम्ड जमा राशि की उपलब्ध जानकारी दिखा सकता है.
अगर पोर्टल पर आपके नाम से कोई लावारिस रकम दिखाई देती है, तो उसे वापस लेने के लिए संबंधित बैंक से संपर्क करना होगा. बैंक की शाखा या उसकी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावा करना होगा. बैंक आपकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद नियमानुसार रकम का भुगतान या सक्रिय बैंक खाते में हस्तांतरण कर सकता है.
बैंक मे मौजूदे रकम पर अपना दावा करने के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान और पते का प्रमाण, बैंक पासबुक तथा पुराने खाते से जुड़े दस्तावेज काम आ सकते हैं. अगर किसी मृत परिजन के खाते में जमा रकम का दावा किया जा रहा है, तो बैंक कानूनी दस्तावेज भी मांग सकता है. इसलिए पुराने खाते से जुड़े उपलब्ध सभी कागजात साथ रखना बेहतर होगा.