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India Daily

39 घंटे पड़ा रहा पिता का शव, जमीन के लिए अड़े रहे बेटे; समझौते के बाद हुआ अंतिम संस्कार

झांसी में पिता की मौत के बाद दो बेटों और बेटी के बीच जमीन को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि करीब 39 घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका. आखिरकार लिखित समझौते के बाद पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी गई.

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Edited By: Shanu Sharma
39 घंटे पड़ा रहा पिता का शव, जमीन के लिए अड़े रहे बेटे; समझौते के बाद हुआ अंतिम संस्कार
Courtesy: AI

झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र के ग्राम चिरगांवखुर्द में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. ठाकुरदास कुशवाहा नाम के व्यक्ति की गुरुवार को सुबह 4 बजे मौत हो गई. परिवार में मातम के बीच उनकी करीब पांच बीघा जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया.

बताया जा रहा है कि ठाकुरदास ने अपनी मौत से कुछ समय पहले दो बीघा जमीन अपनी बेटी अंगूरी के नाम पंजीकृत करा दी थी. पिता की मौत के बाद उनके दोनों बेटों ने इस जमीन पर आपत्ति जताई. बेटों का कहना था कि जब तक बहन जमीन उनके नाम वापस नहीं करती, तब तक पिता का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.

 घर में रखा रहा शव और चलता रहा जमीन का विवाद

पिता की पार्थिव देह घर में रखी रही, लेकिन परिवार के बीच शोक के साथ जमीन को लेकर बातचीत और विवाद चलता रहा. रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने भी परिवार को समझाने का प्रयास किया. काफी समझाने के बाद बेटी अंगूरी जमीन वापस करने के लिए तैयार हो गई. इसके बाद परिवार जमीन की पंजीकृत बिक्री को वापस कराने के लिए मोठ स्थित उप पंजीयक कार्यालय पहुंचा. हालांकि, शुक्रवार को तकनीकी परेशानी के कारण जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इसके चलते अंतिम संस्कार में और देरी हो गई और शव करीब 39 घंटे तक घर में ही रखा रहा.

लिखित समझौते के बाद हुआ अंतिम संस्कार

बाद में परिवार के बीच जमीन वापस करने को लेकर लिखित समझौता कराया गया. समझौता होने के बाद विवाद शांत हुआ और ठाकुरदास की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया गया. करीब 39 घंटे के इंतजार के बाद उन्हें मुखाग्नि दी गई. घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा हो रही है. ग्रामीण इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि पिता की मौत के बाद भी परिवार जमीन के विवाद में इतना उलझ गया कि अंतिम संस्कार तक रोक दिया गया. इस घटना ने संपत्ति के बंटवारे को लेकर बदलते पारिवारिक रिश्तों और बढ़ते विवाद पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.