PF का पैसा अब ATM से निकलेगा? करोड़ों कर्मचारियों के लिए काम आसान, पूरी जानकारी यहां

EPFO 3.0 के जरिए कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़ी सेवाओं में बड़ा डिजिटल बदलाव आने वाला है. नई व्यवस्था के तहत PF निकासी और ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस होगी.

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Reepu Kumari

EPFO PF Withdrawal: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था तैयार कर रहा है. लंबे समय से PF निकासी और ट्रांसफर में लगने वाले समय को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. अब इन्हीं चुनौतियों को कम करने के लिए EPFO 3.0 को लाने की तैयारी की गई है.

नई प्रणाली का उद्देश्य सदस्यों को अधिक तेज, सरल और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है. इस पहल के लागू होने के बाद कई प्रक्रियाएं बिना कागजी कार्रवाई के पूरी की जा सकेंगी. खास बात यह है कि UPI और ATM के माध्यम से PF राशि तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो सकती है.

EPFO 3.0 क्या है और यह कैसे काम करेगा?

ईपीएफओ 3.0 देश के लाखों कार्यरत लोगों के लिए एक आधुनिक डिजिटल पहल है.इसका उद्देश्य पीएफ हस्तांतरण और निकासी में होने वाली देरी को समाप्त करना है.वर्तमान में, पीएफ निकासी के लिए ऑनलाइन दावा प्रस्तुत करना, उसके बाद केवाईसी और कंपनी की स्वीकृति आवश्यक है.इस प्रक्रिया में 7 से 10 दिन लगते हैं, और 1 लाख रुपये से अधिक की राशि के लिए मैन्युअल सत्यापन की आवश्यकता होती है.

पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है 

UMANG ऐप: सबसे पहले, UMANG ऐप पर अपना पात्र बैलेंस चेक करें.

क्यूआर कोड जनरेशन: ऐप के माध्यम से एक क्यूआर कोड जनरेट किया जाएगा.

तत्काल हस्तांतरण: इस क्यूआर कोड की मदद से आप यूपीआई-सक्षम एटीएम से या सीधे अपने बैंक खाते में तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे.

आम कर्मचारियों को क्या लाभ होगा?

इस नई प्रणाली से कागजी कार्रवाई पूरी तरह समाप्त हो जाएगी.सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 5 लाख रुपये तक की निकासी सीधे आपके खाते में जमा हो जाएगी, इसके लिए नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी.पहले दस्तावेजों के मिलान में गड़बड़ी के कारण बार-बार खारिज होने वाले दावों की समस्या भी समाप्त हो जाएगी.वर्तमान में, ईपीएफओ लगभग 28 लाख करोड़ रुपये के कोष का प्रबंधन करता है, जो देश भर में लाखों कामकाजी लोगों से जुड़ा हुआ है.

ATM से पैसे निकालने पर क्या पेंशन में कमी आएगी?

कर्मचारियों को यह जानने की उत्सुकता है कि बार-बार पैसे निकालने से उनकी पेंशन पर असर पड़ेगा या नहीं.हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा से आपकी पेंशन (ईपीएस) पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

यह भी जानना जरुरी

श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया, 'यह एटीएम निकासी सुविधा केवल आपके ईपीएफ बैलेंस पर लागू होती है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान शामिल है.आप इस विधि से अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं.'

आपकी पेंशन राशि (ईपीएस खाता) सुरक्षित रहेगी.नियमों के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त करने के लिए कम से कम 10 वर्ष की सेवा (ईपीएस सदस्यता) अनिवार्य है.यदि कोई कर्मचारी 10 वर्ष की सेवा के बाद नौकरी छोड़ता है, तो वह अपनी पेंशन राशि निकाल सकता है.हालांकि, यदि आप बीच में ही अपनी पीएफ राशि निकाल लेते हैं, तो भी आपका सेवा रिकॉर्ड रीसेट (शून्य) नहीं होगा.10 वर्ष पूरे होने पर आप पेंशन के पात्र बने रहेंगे.