हाईवे पर गंदा टॉयलेट दिखे तो चूकें नहीं! एक फोटो से मिल सकते हैं 1000 रुपये, जानें कैसे

शनल हाईवे पर सफर के दौरान टोल प्लाजा का टॉयलेट गंदा मिलने पर यात्री RajmargYatra ऐप के जरिए शिकायत कर सकते हैं.

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Reepu Kumari

नेशनल हाईवे पर लंबा सफर करते समय साफ-सुथरा टॉयलेट मिलना यात्रियों की बुनियादी जरूरत है. खासकर परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों को गंदे शौचालय के कारण काफी परेशानी होती है. कई बार टोल प्लाजा पर बने टॉयलेट की सफाई ठीक नहीं होती, लेकिन यात्री शिकायत करने का तरीका नहीं जानते. अब ऐसी स्थिति में यात्री संबंधित सुविधा की शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

RajmargYatra ऐप से ऐसे करें शिकायत

गंदा टॉयलेट मिलने पर यात्री RajmargYatra ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए संबंधित टॉयलेट की तस्वीर अपलोड करनी होती है. फोटो में लोकेशन यानी जियो-टैग और तस्वीर खींचने का समय दर्ज होना चाहिए, ताकि शिकायत की जगह और समय की पुष्टि की जा सके. शिकायत दर्ज करते समय यात्री को अपना नाम, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी देनी होती है. इसलिए तस्वीर लेते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि वह संबंधित टॉयलेट की वास्तविक स्थिति दिखाए और आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो.

शिकायत सही निकली तो मिलेगा FASTag रिचार्ज

शिकायत जमा होने के बाद उसकी जांच की जाती है. यदि शिकायत सही पाई जाती है और संबंधित यात्री योजना की शर्तों को पूरा करता है, तो उसे 1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज मिल सकता है. इसका उद्देश्य यात्रियों को गंदगी की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करना और हाईवे पर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना है.


शिकायत की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जा सकती है. जरूरत पड़ने पर अधिकारी खुद भी शिकायत की जांच कर सकते हैं. इसका मतलब है कि इनाम मिलने से पहले शिकायत की सत्यता की पुष्टि की जाती है.

हर टॉयलेट पर लागू नहीं होती यह सुविधा

इस पहल के तहत हर जगह बने टॉयलेट की शिकायत करने पर इनाम नहीं मिलता. यह सुविधा NHAI के दायरे में आने वाले टॉयलेट के लिए है. पेट्रोल पंप और सड़क किनारे स्थित ढाबों के शौचालय इस योजना में शामिल नहीं हैं. इसलिए शिकायत करने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित टॉयलेट योजना के दायरे में आता है या नहीं.

इसके अलावा, एक वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर पर केवल एक बार इनाम पाने का नियम है. यानी एक ही गाड़ी से बार-बार शिकायत करके बार-बार 1,000 रुपये का रिचार्ज पाने की सुविधा नहीं है.