दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, मथुरा और आगरा में बनेंगे स्टेशन; YEIDA ने शुरू की तैयारी
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत मथुरा और आगरा में एक-एक बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाया जाएगा. यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण और NHSRCL के बीच रूट अलाइनमेंट और अर्बन सेंटर को लेकर चर्चा हुई है. 865 किमी लंबे इस कॉरिडोर पर 2.30 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने तीन अर्बन सेंटर्स को बुलेट ट्रेन के जरिए जोड़ा जाएगा. मथुरा के पास बसाए जा रहे राया और इटौली अर्बन सेंटर, और आगरा अर्बन सेंटर के पास एत्मादपुर मदरा के पास बुलेट ट्रेन के स्टेशन बनाए जाएंगे. यानी मथुरा और आगरा जिले में बुलेट ट्रेन का एक-एक स्टेशन बनाया जाएगा. बता दें कि दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है.
अलाइनमेंट पर यमुना प्राधिकरण के साथ हुई चर्चा
एनएचएसआरसीएल के कंसलटेंट नाइट फ्रेंक के प्रतिनिधि रूट अलाइनमेंट और स्टेशनों की लोकेशन तय करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया से मिले और विस्तार से चर्चा की. नाइट फ्रेंक के प्रतिनिधि ने बताया कि राया और आगरा अर्बन सेंट के लिए 250 एकड़ से अधिक जमीन की जरूरत होगी. इस जमीन पर आवासीय और कमर्शियल निर्माण किए जाएंगे.
प्रोजेक्ट के लिए एक्सट्रा इनकम सोर्स होंगे अर्बन सेंटर
दरअसल अर्बन सेंटर बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अतिरिक्त आय के श्रोत बनेंगे. कंसलटेंट कंपनी ने इस संबंध में आगरा विकास प्राधिकरण के साथ भी बैठक की है. आगरा अर्बन सेंटर से पहले इन रिंग रोड को बुलेट स्टेशन से जोड़ा जाएगा. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की एंट्री के पास ही स्टेशन प्रस्तावित है.
प्राधिकरण में प्रजेंटेशन भी करेगी कंसलटेंट कंपनी
यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कंसलटेंट कंपनी से प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी शेयर करने के लिए कंपनी से कहा गया है. इस पर कंपनी ने प्राधिकरण में प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन करने के लिए समय मांगा है. उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के दिल्ली- वाराणसी कॉरिडोर की लंबाई 865 किमी होगी. आगरा और मथुरा जिले में बुलेट ट्रेन का एक-एक स्टेशन बनाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट पर 2.30 लाख करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है. बुलेट ट्रेन की रफ्तार 350 किमी प्रति घंटा प्रस्तावित है.