केंद्रीय कर्मचारियों की दिवाली होगी और भी रोशन? 7 हजार की जगह मिल सकते हैं 21 हजार
केंद्रीय कर्मचारियों के दिवाली बोनस को लेकर नई मांग ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं. कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि बोनस की गणना के लिए मौजूदा 7,000 रुपये की सीमा बढ़ाकर 21,000 रुपये की जाए
नई दिल्ली: दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बीच बोनस को लेकर चर्चा तेज हो गई है. कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने बोनस की गणना में इस्तेमाल होने वाली अधिकतम वेतन सीमा बढ़ाने की मांग रखी है. मौजूदा व्यवस्था में 7,000 रुपये की सीमा के आधार पर बोनस की गणना होती है. संगठन चाहते हैं कि इसे बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए. अगर मांग स्वीकार होती है, तो पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली रकम में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.
मौजूदा व्यवस्था में कितनी रकम
केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल दिवाली के आसपास एक महीने के बराबर नॉन प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस यानी Ad hoc Bonus दिया जाता है. इसकी गणना फिलहाल अधिकतम 7,000 रुपये की वेतन सीमा पर होती है. इसमें 30.4 औसत दिनों का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. इसी आधार पर 7,000 रुपये की सीमा से करीब 6,908 रुपये का बोनस बनता है.
21 हजार की सीमा पर कितना फायदा
अगर सरकार 7,000 रुपये की सीमा को बढ़ाकर 21,000 रुपये कर देती है, तो बोनस की गणना भी बदल जाएगी. दिए गए फॉर्मूले के अनुसार 21,000 रुपये को 30.4 से विभाजित कर 30 से गुणा करने पर करीब 20,724 रुपये की राशि बनती है. यानी मौजूदा करीब 6,908 रुपये की तुलना में लगभग 13,816 रुपये अधिक मिल सकते हैं.
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कर्मचारी संगठन क्यों उठा रहे आवाज
NC JCM का तर्क है कि मौजूदा बोनस सीमा आज की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई के हिसाब से काफी कम है. संगठन ने कहा है कि जब केंद्र सरकार अलग अलग श्रेणियों के कामगारों के लिए 783 रुपये से 1,035 रुपये प्रतिदिन तक की न्यूनतम मजदूरी तय कर रही है, तो बोनस की गणना केवल 7,000 रुपये की सीमा पर करना उचित नहीं है.
8वें वेतन आयोग के सामने भी मुद्दा
बोनस बढ़ाने की मांग केवल मौजूदा प्रक्रिया तक सीमित नहीं है. कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने भी यह मुद्दा उठाया है. ऑल इंडिया न्यू पेंशनल स्कीम इम्पलॉयीज फेडरेशन यानी AINSPEF ने अलग गणना के आधार पर करीब 26,941 रुपये बोनस का सुझाव दिया है. हालांकि, फिलहाल 21,000 रुपये की गणना सीमा बढ़ाने की मांग प्रमुख रूप से सामने है.
फैसला हुआ तो जेब में आएंगे ज्यादा पैसे
अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की 21,000 रुपये वाली मांग स्वीकार कर लेती है, तो पात्र केंद्रीय कर्मचारियों का बोनस करीब 20,724 रुपये हो सकता है. मौजूदा गणना से यह लगभग 13,816 रुपये अधिक होगा. लेकिन अभी इसे तय रकम नहीं माना जा सकता. बोनस की अंतिम राशि, नियम और लागू होने की शर्तें सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होंगी.